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उत्तर बंगाल में विकास को रफ्तार, प्रोजेक्ट से पंचायत व्यवस्था होगी मजबूत- दिलीप घोष

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उत्तर बंगाल में विकास को रफ्तार, प्रोजेक्ट से पंचायत व्यवस्था होगी मजबूत- दिलीप घोष


सिलीगुड़ी, 12 जून (हि. स.)। उत्तर बंगाल के ग्रामीण विकास और पहाड़ी इलाकों की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को सिलीगुड़ी के एक टूरिस्ट लॉज में राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने विभिन्न जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय मैराथन बैठक की। इस बैठक में उत्तर बंगाल के विकास के लिए एक हजार 700 करोड़ रुपये के फंड की घोषणा की गई।

बैठक के बाद मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि लंबे समय से रुकी हुई कई केंद्रीय परियोजनाओं की राशि अब मिलनी शुरू हो गई है। कुल एक हजार 700 करोड़ रुपये में से करीब 700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो चुका है, जबकि बाकी परियोजनाओं को जल्द ही चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण सड़क निर्माण और पेयजल जैसी बुनियादी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, विकास कार्यों में सबसे बड़ी बाधा कर्मचारियों की कमी को बताया गया। इस समस्या के समाधान के लिए राज्यभर में करीब 11 हजार पदों पर कर्मचारियों और इंजीनियरों की भर्ती की योजना बनाई गई है।

पहाड़ी क्षेत्रों को लेकर मंत्री ने कहा कि दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे इलाकों में पंचायत ढांचा अभी भी कमजोर है। पर्याप्त कार्यालय और सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को सरकारी सेवाएं सही तरीके से नहीं मिल पा रही है। इस स्थिति को सुधारने के लिए नए बुनियादी ढांचे के निर्माण का आश्वासन दिया गया है। बैठक में ग्रामीण सड़कों के सुधार, जमीन के पट्टे वितरण और जॉब कार्ड धारकों के बकाया भुगतान जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार