बामपंथियों पर बरसे दिलीप घोष, बोले आंदोलन के नाम पर अशांति फैला रहे
कोलकाता, 18 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के पंचायत एवं ग्राम विकास मंत्री दिलीप घोष ने मंगलवार को बामपंथी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में आंदोलन के नाम पर अशांति फैलाने की प्रवृत्ति के पीछे बामपंथी राजनीति का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि बामपंथियों के हाथों ही ‘देशद्रोही’ तैयार होते हैं और आंदोलन के नाम पर समाज में अशांति फैलाने वाले तत्वों को बढ़ावा मिलता है।
कोलकाता के इको पार्क में पत्रकारों से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा कि रातोंरात आरशोला (तिलचट्टे) कहां से आएंगे? ये सब कम्युनिस्टों की ही देन हैं। वही आरशोला और छारपोक (कीड़ा) तैयार करते हैं। बामपंथियों के हाथों देशद्रोही तैयार होते हैं। यही लोग आंदोलन के नाम पर समाज में अशांति फैलाते हैं।
दिलीप घोष की यह टिप्पणी बांकुड़ा के इंदास में हुई हालिया घटना की पृष्ठभूमि में आई है। वहां सिजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) समर्थक शेख अब्दुल हाफिज के घर पर हमले की घटना में उनके पिता की मौत होने का आरोप लगा है। घटना के बाद सोमवार को दिल्ली से सिजेपी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल आशुतोष रांका सहित कई प्रतिनिधि हाफिज के परिवार से मिलने बांकुड़ा पहुंचे थे।
इस दौरान उनके साथ माकपा के युवा नेता शतरूप घोष और मयुख विश्वास भी दिखाई दिए। करिशुंडा गांव में हाफिज के घर पर परिवार से मुलाकात के दौरान आशुतोष रांका के साथ बामपंथी नेता भी मौजूद थे। बाद में आयोजित पत्रकार वार्ता में भी दोनों पक्षों के नेता एक साथ दिखाई दिए। इसके बाद सिजेपी और बामपंथी दलों के बीच संबंधों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
हाफिज के पिता शेख माफिक की मौत के विरोध में सोमवार को एसएफआई ने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। करिशुंडा गांव में आम लोगों को संबोधित करते हुए शतरूप घोष ने भी सिजेपी प्रतिनिधियों की मौजूदगी का उल्लेख किया। इसके बाद माकपा-एसएफआई और सिजेपी के बीच दिखाई दे रही निकटता को लेकर संगठन के भीतर भी चर्चा शुरू हो गई है।
सिजेपी के एक वर्ग को आशंका है कि बंगाल में सीधे माकपा नेतृत्व के साथ खड़े होकर पत्रकार वार्ता करने से खासकर युवा पीढ़ी और जेन जी के बीच गलत संदेश जा सकता है। उनका कहना है कि इससे आंदोलन के मूल उद्देश्य और संगठन की अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।
इसी घटनाक्रम के बीच दिलीप घोष ने कम्युनिस्टों को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बामपंथी छात्र आंदोलन के नाम पर अशांति का वातावरण तैयार कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली की हाल की घटनाओं का भी उदाहरण दिया। दिलीप घोष ने कहा कि कम्युनिस्टों के हाथों ही तो रातोंरात आरशोला और छारपोक तैयार हुए हैं और समाज में फैल रहे हैं। ये सब बामपंथियों के दिमाग से निकल रहा है। ये लोग छात्र आंदोलन के नाम पर अशांति कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

