दीघा-मंदारमणि तट पर हाई अलर्ट, पर्यटकों के समुद्र में उतरने पर रोक
कोलकाता, 05 जुलाई (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी में बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी प्रणाली के प्रभाव से दक्षिण बंगाल में अगले कई दिनों तक भारी से अति भारी वर्षा तथा तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। इसे देखते हुए पूर्व मेदिनीपुर जिला प्रशासन ने दीघा, मंदारमणि और ताजपुर के समुद्र तटों पर हाई अलर्ट घोषित करते हुए पर्यटकों के समुद्र में उतरने और स्नान पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला प्रशासन और दीघा तटीय पुलिस की ओर से समुद्र तटों पर लगातार माइकिंग कर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और ज्वार की आशंका के मद्देनजर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने गहरे समुद्र में गए मछुआरों को तत्काल तट पर लौटने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नए ट्रॉलरों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं के समुद्र में जाने पर भी रोक लगा दी गई है। समुद्र की निगरानी के लिए तट पर लाइफगार्ड (नुलिया) तथा आपदा प्रबंधन दल की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
लगातार अवकाश के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक इन समुद्री पर्यटन स्थलों पर पहुंचे हैं। हालांकि समुद्र में स्नान पर रोक के कारण पर्यटक निराश जरूर हैं, लेकिन सुरक्षित दूरी से समुद्र की ऊंची लहरों और प्राकृतिक दृश्य का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट पर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिण बंगाल में अगले सात दिनों तक मौसम को प्रभावित करेगा। पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और दक्षिण 24 परगना सहित कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। तटीय क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसी कारण सात जुलाई तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

