धुलियान हत्याकांड में पुलिस पर कार्रवाई, एसपी को कारण बताओ नोटिस
चार पुलिसकर्मियों-अधिकारी पर गिरी गाज, जांच सीआईडी को
कोलकाता, 07 सितंबर (हि. स.)। मुर्शिदाबाद जिले के धुलियान में 36 वर्षीय युवक सुजीत मंडल की हत्या के मामले में राज्य सरकार ने पुलिस की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री एवं राज्य के गृह मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को बताया कि मामले की जांच आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई है। वहीं, जंगीपुर पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक सुरिंदर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में धुलियान पुलिस चौकी के प्रभारी और सहायक उपनिरीक्षक सुमंत दास तथा शमशेरगंज थाने के सहायक निरीक्षक (द्वितीय अधिकारी) सैफुल आलम को निलंबित किया गया है। शमशेरगंज थाने के प्रभारी सुब्रत घोष को पुलिस लाइन में संबद्ध करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, फरक्का के अनुमंडल पुलिस अधिकारी शेख शमसुद्दीन का दंडात्मक तबादला किया गया है।
सुजीत मंडल 28 अगस्त को मुर्शिदाबाद के धुलियान के वार्ड संख्या-8 स्थित अपने घर से निकले थे, जिसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। 2 सितंबर को फरक्का फीडर नहर के किनारे से उनके शव के टुकड़े बरामद किए गए। इस मामले में पुलिस ने सामिउल शेख, ताजकिरा बीबी और जॉनी शेख को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुजीत की पत्नी सुमना मंडल ने 28 अगस्त को ही पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, उसी दिन सुबह रियान अख्तर नामक एक युवक ने फोन कर सुजीत को घर से बुलाया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। मामले में बाद में प्राथमिकी दर्ज की गई।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई में लापरवाही बरती गई। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को हरगोविंद दास और चंदन दास की हत्या की तरह गंभीरता से देखा जाना चाहिए। मामले की विभागीय जांच क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक द्वारा भी की जाएगी।
जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने कथित तौर पर सुजीत को फोन कर सुनसान स्थान पर बुलाया और वहां उनकी हत्या कर दी। आरोप है कि साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट की बोरियों में भरकर मोटरसाइकिल से बल्लालपुर घाट ले जाया गया, जहां नदी में फेंक दिया गया।
नदी में तेज बहाव के कारण शव के अन्य हिस्सों की तलाश के लिए तेज रफ्तार नौकाओं और गोताखोरों की मदद ली जा रही है। बरामद शव के हिस्सों को पोस्टमार्टम के लिए जंगीपुर अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है। मृतक की पहचान की पूरी तरह पुष्टि के लिए फोरेंसिक और डीएनए जांच भी कराई जाएगी।
पुलिस के अनुसार, गुमशुदगी की शिकायत के बाद जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और कॉल विवरण की जांच की गई। इसके आधार पर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिले सुराग के बाद 2 सितंबर की शाम फरक्का के बल्लालपुर घाट क्षेत्र से प्लास्टिक और बोरियों में बंद शव के कुछ हिस्से बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे कारोबारी विवाद की आशंका जताई गई है।
धुलियान हत्याकांड के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष मुर्शिदाबाद में हुई हरगोविंद दास और उनके पुत्र चंदन दास की हत्या का भी उल्लेख किया। वक्फ कानून में संशोधन के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान जंगीपुर, शमशेरगंज, सुती और धुलियान सहित कई इलाकों में हिंसा हुई थी। हरगोविंद और चंदन की हत्या के मामले में जंगीपुर अदालत ने पिछले वर्ष दिसंबर में 13 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने इसे राजनीतिक हत्या के बजाय व्यक्तिगत दुश्मनी से जुड़ा मामला माना था।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

