दुर्गापुर में नामांकन के दिन बढ़ा तनाव, तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने
आसनसोल, 02 अप्रैल (हि. स.)। दुर्गापुर में गुरुवार को नामांकन दाखिल करने के दौरान माहौल अचानक गरमा गया। सिटी सेंटर स्थित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय के सामने तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और पुलिस के साथ नोकझोंक की घटनाएं सामने आईं, जिससे पूरे औद्योगिक शहर में तनाव का माहौल बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह प्रदीप मजूमदार (दुर्गापुर पूर्व) और कवि दत्ता (दुर्गापुर पश्चिम) हजारों समर्थकों के साथ रैली निकालकर नामांकन दाखिल करने पहुंचे। इसके बाद कालो बरन मंडल भी विशाल जुलूस के साथ कार्यालय पहुंचे।
चतुरंग मैदान से शुरू हुई रैली भारी भीड़ में तब्दील हो गई, जिससे सिटी सेंटर की कई सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। भीड़ को लेकर विवाद तब बढ़ा जब भाजपा ने आरोप लगाया कि धारा 144 लागू होने के बावजूद तृणमूल कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय के सामने जमा हुए और “जय बांग्ला” के नारे लगाए। इसके जवाब में भाजपा कार्यकर्ताओं ने “जय श्री राम” के नारे लगाए, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान चंद्रशेखर बनर्जी नामांकन दाखिल करने पहुंचे। आरोप है कि पुलिस द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं को जल्द अंदर जाने को कहने पर दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।
चंद्रशेखर बनर्जी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की मौजूदगी में शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ “गुप्त बैठक” कर चुनाव को प्रभावित करने की योजना बनाई गई। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की जाएगी और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए।
वहीं, तृणमूल के जिला उपाध्यक्ष उत्तम मुखर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा बढ़ते जनसमर्थन से घबराकर निराधार आरोप लगा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

