दुर्गापुर में दवा दुकानदार के घर पुलिस की छापेमारी, 285 बोतल फेंसिडिल सिरप और प्रतिबंधित नशीली गोलियां बरामद
दुर्गापुर, 03 नवंबर (हि. स.)। दवाओं की आड़ में कथित रूप से नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार किए जाने के खिलाफ दुर्गापुर पुलिस ने सोमवार देर रात बड़ी कार्रवाई की है। न्यू टाउनशिप थाने की पुलिस ने फूलझोर इलाके में एक दवा दुकानदार के घर छापेमारी कर कोडीन युक्त कफ सिरप की 285 बोतलें, प्रतिबंधित नशीली गोलियां और गांजे के कई पैकेट बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने दवा दुकानदार सुदीप मुखर्जी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फूलझोर इलाके में एक दवा दुकानदार द्वारा कथित रूप से अवैध तरीके से नशीली दवाओं की बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद न्यू टाउनशिप थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सोमवार देर रात फूलझोर मोड़ से स्टील पार्क मोड़ के बीच स्थित आरोपी के घर पर पुलिस टीम ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में संदिग्ध नशीले पदार्थ मिले। इनमें कोडीन युक्त कफ सिरप की 285 बोतलें, प्रतिबंधित नशीली गोलियां और गांजे के कई पैकेट शामिल हैं। एक दवा दुकानदार के घर से इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान सुदीप मुखर्जी के रूप में हुई है। वह दुर्गापुर में दवा की दुकान चलाता है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के पूर्वी क्षेत्र के उपायुक्त रासप्रीत सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर फूलझोर इलाके में छापेमारी की गई थी। इस दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 285 बोतल फेंसिडिल सिरप तथा प्रतिबंधित गोलियां बरामद की गईं। उन्होंने बताया कि आरोपित से पूछताछ कर नशीले पदार्थों की खरीद और आपूर्ति से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि इस अवैध कारोबार के पीछे स्थानीय स्तर पर बिक्री के अलावा अन्य स्थानों तक फैली आपूर्ति व्यवस्था भी हो सकती है। हालांकि, किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस बरामद नशीले पदार्थों के स्रोत, संभावित खरीदारों और आपूर्ति से जुड़े संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
जांच के तहत आरोपित के मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नशीली दवाओं का यह कथित कारोबार कब से चल रहा था और इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस की चिंता इस बात से भी जुड़ी है कि ऐसी प्रतिबंधित दवाएं युवाओं तक पहुंच सकती हैं। कोडीन युक्त कफ सिरप और प्रतिबंधित गोलियों का नशे के रूप में दुरुपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

