दुर्गापुर स्टील पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक में 40 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता,
पश्चिम बर्दवान, 29 अगस्त (हि.स.)।
दुर्गापुर के बेनाचिटी स्थित दुर्गापुर स्टील पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। पश्चिम बंगाल के खाद्य एवं सहकारिता मंत्री अशोक कीर्तानिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शनिवार दोपहर मंत्री अशोक कीर्तानिया ने बैंक का अचानक दौरा किया। हाल के दिनों में बैंक के कामकाज और वित्तीय लेन-देन को लेकर विभिन्न अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इन्हीं आरोपों की जांच और बैंक की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए मंत्री ने अचानक निरीक्षण किया।
बैंक परिसर का दौरा करने के बाद मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान बैंक के आंतरिक खातों और विभिन्न दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री अशोक कीर्तानिया ने बताया कि बैंक में लगभग 40 करोड़ 60 लाख 51 हजार 565 रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
मंत्री ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि का ऋण आखिर किसके निर्देश और किसकी अनुमति से स्वीकृत किया गया। उन्होंने ऋण स्वीकृत करने से जुड़े अधिकारियों से भी मामले को लेकर पूछताछ की और पूरी प्रक्रिया की जांच के निर्देश दिए।
मंत्री अशोक कीर्तानिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि इस कथित अनियमितता में शामिल कोई अधिकारी या कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो चुका है, तब भी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर दोषियों की चल और अचल संपत्ति जब्त करने की भी कार्रवाई की जा सकती है।
जांच को तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के साथ-साथ बैंक की आंतरिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव के निर्देश भी दिए गए हैं। मंत्री ने विशेष रूप से उन कर्मचारियों के तत्काल तबादले का आदेश दिया है, जो लंबे समय से एक ही विभाग में कार्यरत रहकर वहां प्रभाव बनाए हुए हैं।
मंत्री ने निर्देश दिया कि कर्मचारियों के तबादले से संबंधित आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। उनके इस अचानक दौरे और कड़े रुख के बाद बैंक प्रशासन तथा सहकारिता विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब इस बहुचर्चित वित्तीय अनियमितता मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

