दुर्गापुर में सरकारी क्वार्टर पर कब्जे को लेकर भाजपा का अनोखा विरोध प्रदर्शन
पश्चिम बर्दवान, 25 जुलाई (हि.स.)।
पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर स्थित एमएएमसी टाउनशिप में सरकारी क्वार्टर पर कथित अवैध कब्जे को लेकर शनिवार को राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने 24 नंबर वार्ड के बी-1 इलाके में एक तृणमूल नेता पर लंबे समय से सरकारी क्वार्टर पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता हाथों में फूल और मिठाई लेकर पहुंचे और आरोपी से शांतिपूर्वक क्वार्टर खाली कर वास्तविक मालिक को लौटाने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर समाधान नहीं हुआ तो 'अंडा थेरेपी' जैसा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तृणमूल नेता हीरक राय, जो पूर्व तृणमूल पार्षद लवली राय के करीबी बताए जाते हैं, एमएएमसी टाउनशिप के कई सरकारी क्वार्टरों पर अवैध कब्जा कर उन्हें किराये पर देते थे। एक महिला ने आरोप लगाया कि वह कालीगंज की रहने वाली हैं और उनसे 70 हजार रुपये लेकर एक सरकारी क्वार्टर में रहने की व्यवस्था कराई गई थी।
विवाद की शुरुआत शनिवार सुबह हुई, जब बेनाचिती निवासी दारा सिंह आवश्यक दस्तावेजों के साथ बी-1 इलाके में पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि उनके दिवंगत पिता के नाम आवंटित सरकारी क्वार्टर पर वर्ष 2011 से अवैध कब्जा है। उनका आरोप है कि कई बार प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें उनका क्वार्टर वापस नहीं मिला, बल्कि उन्हें डराकर वहां से हटने के लिए मजबूर किया गया।
दारा सिंह ने बताया कि उनकी बहन के रहने के लिए क्वार्टर की मरम्मत कराई जा रही थी, तभी उस पर जबरन कब्जा कर लिया गया। राज्य में सरकार बदलने के बाद उन्होंने इस मामले की जानकारी दुर्गापुर पूर्व के भाजपा विधायक चंद्रशेखर बंद्योपाध्याय को दी, जिसके बाद शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस भी वहां पहुंच गई।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध के दौरान क्वार्टर के सामने फूल और मिठाई रखकर आरोपी से शांतिपूर्ण तरीके से क्वार्टर वास्तविक मालिक को लौटाने की अपील की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, माहौल बिगड़ने से पहले ही आरोपी वहां से चला गया।
भाजपा के जिला ओबीसी मोर्चा के महासचिव स्वतंत्र राय ने आरोप लगाया कि लंबे समय से आम लोगों की जमीन, मकान और सरकारी क्वार्टरों पर कब्जा करने की राजनीति की जाती रही है। अब इन संपत्तियों को वास्तविक मालिकों को वापस दिलाने की लड़ाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल गांधीगिरी के जरिए विरोध किया गया है, लेकिन सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर 'अंडा थेरेपी' जैसा आंदोलन किया जाएगा।
भाजपा के जिला प्रवक्ता सुमंत मंडल ने आरोप लगाया कि संबंधित तृणमूल नेता पर एमएएमसी क्वार्टरों के अलावा बीओजीएल की जमीन पर भी अवैध कब्जा कर पैसे लेकर लोगों को बसाने के आरोप हैं।
वहीं, हीरक राय ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल रहने के लिए किसी अन्य व्यक्ति से वह क्वार्टर लिया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायतों की सत्यता की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

