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ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत दुर्गापुर में औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं

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ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत दुर्गापुर में औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं


पश्चिम बर्दवान, 29 अगस्त (हि.स.)।

कभी बंगाल की औद्योगिक राजधानी के रूप में पहचान बनाने वाला दुर्गापुर अब एक बार फिर बड़े औद्योगिक बदलाव की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। केंद्र सरकार के बजट 2026-27 में दुर्गापुर को महत्वाकांक्षी इंटीग्रेटेड ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अहम नोड के रूप में विकसित करने की योजना से इलाके में उद्योग, निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है।

यह परियोजना केवल सड़क या रेल संपर्क को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य दुर्गापुर को आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना है, जहां उद्योगों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा सकें।

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत ऐसे आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने की योजना है, जहां कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए पहले से तैयार सुविधाएं मिल सकें। इसे प्लग एंड प्ले मॉडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

इसके तहत बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी, बिजली-पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं और औद्योगिक इकाइयों के लिए तैयार बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। इससे नई कंपनियों के लिए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया आसान हो सकती है और तैयार उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।

दुर्गापुर की सबसे बड़ी ताकत उसका पहले से मौजूद मजबूत औद्योगिक ढांचा है। यहां दुर्गापुर स्टील प्लांट (डीएसपी), एलॉय स्टील्स, डीवीसी के साथ-साथ बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां मौजूद हैं।

क्षेत्र में पहले से औद्योगिक गतिविधियां होने के कारण कुशल और प्रशिक्षित श्रमिकों की उपलब्धता, औद्योगिक माहौल और सप्लाई चेन का आधार भी मौजूद है। ऐसे में नई परियोजनाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए इस मौजूदा औद्योगिक ढांचे को और मजबूत करने की संभावना जताई जा रही है।

इस दिशा में केंद्र सरकार के बजट 2026-27 में नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इंप्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एन आइसीडीआइटी) के लिए ₹3,000 करोड़ का प्रावधान किए जाने का उल्लेख किया गया है।

देश के विभिन्न हिस्सों में कई औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का उद्देश्य पूर्वी और दक्षिणी भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक नेटवर्क के जरिए जोड़ना है।

अगर परियोजना निर्धारित गति से जमीन पर उतरती है, तो इसका असर केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट, सप्लाई चेन, इंजीनियरिंग सर्विस, वेयरहाउसिंग और छोटे-बड़े सहायक उद्योगों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

दुर्गापुर जैसे पुराने औद्योगिक शहर के लिए यह परियोजना औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देने का अवसर साबित हो सकती है।

हालांकि, केवल घोषणा से ही जमीन पर बदलाव नहीं आता। परियोजना का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब जमीन, बुनियादी ढांचे, निवेश, कनेक्टिविटी और उद्योग स्थापित करने से जुड़ी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ी योजनाएं दुर्गापुर में कितनी तेजी से धरातल पर उतरती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा