दुर्गापुर अदालत में वकीलों का दो दिवसीय पेन डाउन आंदोलन शुरू
कोलकाता, 11 मई (हि. स.)। दुर्गापुर अदालत में वकीलों ने दो दिवसीय पेन डाउन आंदोलन की शुरुआत की है। दुर्गापुर बार एसोसिएशन के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में स्थानीय विधायक चंद्रशेखर बनर्जी भी शामिल हुए।
विधायक चंद्रशेखर बनर्जी ने कहा कि आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (एडीडीए) के तहत दुर्गापुर में मॉडल कोर्ट के नए भवन का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इस परियोजना की डीपीआर तैयार हुई थी, तब इसकी लागत करीब 22 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 38 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि नए मॉडल कोर्ट भवन में वकीलों, लॉ क्लर्क और टाइपिस्टों के बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है, जिसे लेकर अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है। विधायक ने आरोप लगाया कि मॉडल कोर्ट निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके लिए उन्होंने मलय घटक और उनके सहयोगियों को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि दुर्गापुर एक मॉडल सिटी है, जहां विस्तार के लिए पर्याप्त जगह मौजूद है। इसके बावजूद निजी स्वार्थ के चलते एक-एक कर कई महत्वपूर्ण कार्यालयों को दुर्गापुर से आसनसोल स्थानांतरित किया गया।
चंद्रशेखर बनर्जी ने बताया कि दुर्गापुर बार एसोसिएशन की ओर से उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसे वह आज ही पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को भेजेंगे। पूरे मामले की जांच के लिए एक जांच समिति गठित करने की मांग भी करेंगे।
वहीं, दुर्गापुर बार एसोसिएशन के पदाधिकारी कलोल घोष ने कहा कि जिला अदालत प्रशासन की ओर से पुराने भवन से नए मॉडल कोर्ट में शिफ्ट होने का निर्देश दिया गया है, लेकिन नए भवन में वकीलों, लॉ क्लर्क और टाइपिस्टों के बैठने की कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि अदालत की कार्यप्रणाली में वकीलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि उनके बैठने और काम करने की उचित व्यवस्था नहीं होगी, तो न्यायिक कार्य प्रभावित होगा। साथ ही मुकदमे से जुड़े लोगों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
इन्हीं मांगों को लेकर दुर्गापुर बार एसोसिएशन के बैनर तले दो दिवसीय कार्य स्थगित कर प्रतीकात्मक पेन डाउन आंदोलन शुरू किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

