देशप्रिय पार्क दुर्गापूजा विवाद गहराया, स्वपन दासगुप्ता ने पंडाल तोड़े जाने के दावे को नकारा
कोलकाता, 14 अगस्त (हि. स.)। महानगर कोलकाता का देशप्रिय पार्क में 89वीं दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर विवाद और गहरा गया है। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री और रासबिहारी से भाजपा विधायक स्वपन शुक्रवार को दासगुप्ता ने उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि पार्क परिसर में निर्माणाधीन पूजा पंडाल को तोड़ा गया।
दासगुप्ता ने कहा कि उनकी टीम की ओर से की गई पड़ताल में सामने आया है कि देशप्रिय पार्क में दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर दो प्रतिद्वंद्वी समितियों के बीच विवाद चल रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्क के भीतर मौजूद भवनों की स्थिति को लेकर कोलकाता नगर निगम की अलग जांच चल रही है, जबकि पूजा समिति के एक भवन को लेकर मामला अदालत में विचाराधीन है।
यह विवाद उस समय सामने आया जब 1938 से दुर्गापूजा का आयोजन कर रही बालीगंज सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति ने आरोप लगाया कि नौ अगस्त की रात 40 से 50 बाहरी लोग देशप्रिय पार्क में घुसे और निर्माणाधीन पंडाल को क्षतिग्रस्त कर दिया। समिति ने बाद में रवींद्र सरोबर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की।
सोशल मीडिया पर अपने बयान में दासगुप्ता ने कहा कि देशप्रिय पार्क में घटनाओं को लेकर “कुछ काल्पनिक विवरण” प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने अपनी टीम की प्रारंभिक पड़ताल के आधार पर चार बिंदु सामने रखे—किसी ने कोई पंडाल नहीं तोड़ा, दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर दो प्रतिद्वंद्वी समितियों के बीच विवाद है, पार्क के भीतर स्थित भवनों की स्थिति को लेकर केएमसी की जांच चल रही है और पूजा समिति के एक भवन की स्थिति को लेकर अदालत में मामला लंबित है।
दासगुप्ता ने कहा कि विधायक के तौर पर उनका मुख्य उद्देश्य इलाके के स्थानीय निवासियों के लिए पार्कों को फिर से सुलभ बनाना और खेल गतिविधियों को निर्बाध रूप से जारी रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इलाके की किसी भी दुर्गापूजा समिति से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी पूजा आयोजनों में जाएंगे, लेकिन किसी समिति का हिस्सा नहीं हैं।
वित्त मंत्री ने सामुदायिक जीवन के “राजनीतिकरण से मुक्ति” को अपने लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि वह स्थानीय सामाजिक जीवन को राजनीति से अलग रखने में विश्वास करते हैं।
सूत्रों के अनुसार, विवाद के कारण दुर्गापूजा की तैयारियां प्रभावित हुई हैं। फिलहाल देशप्रिय पार्क बंद है और पंडाल निर्माण का काम भी रुका हुआ है। इस वर्ष पूजा के लिए करीब 70 फुट ऊंचे पंडाल की योजना बनाई गई थी।
बालीगंज सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति वर्ष 1938 से यहां दुर्गापूजा का आयोजन करती आ रही है और अपने भव्य आयोजनों के लिए चर्चित रही है। वर्ष 2015 में समिति ने रिकॉर्ड ऊंचाई की दुर्गा प्रतिमा स्थापित कर व्यापक चर्चा बटोरी थी।
फिलहाल विवाद का मुख्य केंद्र दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर दोनों समितियों के दावे हैं। इसके साथ ही देशप्रिय पार्क परिसर में स्थित पूजा समिति के भवन की कानूनी स्थिति का मामला भी अदालत में लंबित है। पार्क कब खुलेगा और पूजा की तैयारियां कब दोबारा शुरू होंगी, इस पर अब प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के अगले कदम का इंतजार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

