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खाली प्लॉटों में गंदगी और जमा पानी मिलने पर मालिकों पर लगेगा भारी जुर्माना : अग्निमित्रा पाल

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खाली प्लॉटों में गंदगी और जमा पानी मिलने पर मालिकों पर लगेगा भारी जुर्माना : अग्निमित्रा पाल


कोलकाता , 02 सितंबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में मानसून के दौरान डेंगू रोकथाम अभियान को तेज करते हुए राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बुधवार को खाली पड़े प्लॉटों और जमीन के मालिकों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी खाली जमीन पर गंदगी, झाड़ियां और बारिश का जमा पानी पाया गया तथा उससे आसपास के लोगों को परेशानी हुई, तो संबंधित मालिक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि कई लोग भविष्य में निर्माण या अन्य उद्देश्यों के लिए जमीन खरीद लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक उसकी देखभाल नहीं करते। ऐसे में वहां झाड़ियां उग जाती हैं और बारिश का पानी जमा हो जाता है, जो मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खाली प्लॉटों को साफ रखना होगा। यदि आप अपनी जमीन को इस तरह की स्थिति में छोड़ देते हैं, तो आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है। यह जुर्माना 100 या 200 रुपये का नहीं होगा। नगर निकाय ऐसे मामलों में कार्रवाई शुरू कर सकते हैं और नगर अदालतों में भी मामला उठाया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति की लापरवाही के कारण पूरा पड़ोस अस्वच्छ वातावरण और मच्छरों की समस्या से प्रभावित होता है, तो जमीन मालिक पर बड़ी रकम का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जुर्माने की राशि संपत्ति कर (टैक्स) के साथ भी जोड़ी जा सकती है।

बुधवार को एक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने लोगों से अपनी खाली जमीनों की नियमित सफाई और देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी संपत्ति को लावारिस और गंदगी से भरी स्थिति में नहीं छोड़ना चाहिए।

राज्य स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 19 अगस्त तक पश्चिम बंगाल में डेंगू के 4,035 मामले दर्ज किए गए थे और सात मौतों की आधिकारिक पुष्टि हुई थी। वहीं, डेंगू संक्रमित ऐसे मरीजों को भी शामिल किया जाए, जो अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे, तो मौतों की संख्या 10 बताई गई है। डेंगू फैलाने वाला एडीज एजिप्टी मच्छर बहुत कम मात्रा में जमा पानी में भी अंडे दे सकता है। यहां तक कि सिक्के के आकार के छोटे से पानी के जमाव में भी इसके प्रजनन की संभावना रहती है।

मानसून के दौरान राज्य सरकार ने मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जमा पानी हटाने और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने का अभियान तेज कर दिया है। राज्यभर में तीन से पांच सितंबर तक विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाना है।

मंत्री अग्निमित्रा पाल ने आम लोगों से अपने घरों की छतों, गैराज, फूलों के गमलों और अन्य स्थानों की नियमित जांच करने की अपील की है, जहां बारिश का पानी जमा होकर डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा