देवराज चक्रवर्ती के मामले में सरकारी वकील को धमकी का आरोप, बागुईआटी थाने में शिकायत
कोलकाता, 11 सितंबर (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस नेता देवराज चक्रवर्ती से जुड़े मामलों की पैरवी कर रहे विशेष सरकारी अधिवक्ता विभास चटर्जी को कथित तौर पर धमकी देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में अधिवक्ता ने बागुईआटी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि खुद को देवराज चक्रवर्ती का करीबी बताने वाले एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन कर धमकी भरे लहजे में बातचीत की।
विभास चटर्जी के अनुसार, फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि वह देवराज चक्रवर्ती से जुड़े मामले के संबंध में उनसे बातचीत करना चाहता है। कथित तौर पर उसने यह भी कहा कि वह ‘दादा’ के निर्देश पर उनसे बात कर रहा है। अधिवक्ता का आरोप है कि बातचीत के दौरान व्यक्ति का लहजा धमकी भरा था और वह अप्रत्यक्ष रूप से यह संदेश देने की कोशिश कर रहा था कि देवराज चक्रवर्ती के मामले को लेकर वह ज्यादा आगे न बढ़ें।
धमकी भरा फोन आने के बाद विभास चटर्जी ने पुलिस से संपर्क किया और बागुईआटी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक अदिति मुंशी के पति देवराज चक्रवर्ती को जुलाई में वसूली, आय से अधिक संपत्ति समेत कई आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। उन पर विधाननगर इलाके में कथित तौर पर वसूली, सिंडिकेट संचालन और जमीन पर कब्जे से संबंधित कई आरोप भी लगे हैं। इसके अलावा वह 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा से जुड़े मामले में भी आरोपित हैं। देवराज चक्रवर्ती के खिलाफ बागुईआटी थाने में दर्ज दो एफआईआर के आधार पर चल रहे मामलों में से एक में पुलिस पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इस मामले में जल्द ही आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। वहीं, दूसरे मामले की जांच अभी जारी है।
विभास चटर्जी राज्य के कई महत्वपूर्ण मामलों में विशेष सरकारी अधिवक्ता के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बीरभूम के चर्चित ‘पत्थरसम्राट’ टुलु मंडल से जुड़े मामले में भी वह सरकारी वकील हैं। उनका दावा है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बीडीओ प्रशांत बर्मन से जुड़े मामले में भी उन पर परोक्ष रूप से दबाव बनाने की कोशिश की गई थी।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

