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डेबरा में तृणमूल कार्यालय के लिए मकान कब्जाने का आरोप, भाजपा की मदद से 15 साल बाद असली मालिक को मिला घर

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डेबरा में तृणमूल कार्यालय के लिए मकान कब्जाने का आरोप, भाजपा की मदद से 15 साल बाद असली मालिक को मिला घर


मेदिनीपुर, 11 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के डेबरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बालिचक के निकट स्थित एक मकान में कथित तौर पर जबरन कब्जा कर खोले गए तृणमूल पार्टी कार्यालय को आखिरकार खाली करवा लिया गया है। स्थानीय एक परिवार ने आरोप लगाया था कि लगभग 15 वर्ष पूर्व एक कमरे के उपयोग की बात कहकर उनके घर में पार्टी कार्यालय शुरू किया गया था। बाद में जबरन एक अन्य कमरे पर भी कब्जा कर लिया गया।

परिवार के सदस्यों का आरोप है कि इस विषय में विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता था। उनका यह भी दावा है कि उनके केबल व्यवसाय को बंद कराने की धमकी दी गई। परिवार के अनुसार, थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास करने पर भी उन्हें विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा।

परिवार का कहना है कि पिछले लगभग 15 वर्षों से वे अपने घर के एक बड़े हिस्से के उपयोग से वंचित थे। शुक्रवार रात को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से पार्टी कार्यालय का ताला खोलकर उसे कब्जामुक्त कराया और घर की चाबी परिवार को सौंप दी।

परिवार के एक सदस्य ने कहा, भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े होने के कारण ही हमें लगभग 15 वर्ष बाद अपना घर वापस मिला है।

शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि पार्टी कार्यालय खोले जाने के बाद वहां से कंडोम के पैकेट तथा विभिन्न दस्तावेज बरामद हुए हैं। भाजपा का दावा है कि उक्त कार्यालय में अनैतिक गतिविधियां संचालित होती थीं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

इस संबंध में तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। घटना को लेकर बालिचक क्षेत्र में राजनीतिक तनाव तथा व्यापक चर्चा का माहौल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता