दावोस में बंगाल की गैरमौजूदगी पर अमित मालवीय का तंज, ममता सरकार पर किया तंज
हुगली, 20 जनवरी (हि.स.)। विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की बैठक को लेकर भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल के प्रमुख तथा पश्चिम बंगाल के सह पर्यवेक्षक अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार को निशाने पर लिया है। मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि दावोस में हो रही वैश्विक बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार पूरी तरह नदारद है।
अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जैसे नेता अपने-अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक मंच पर मौजूद हैं, जबकि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली बंगाल सरकार को न तो आमंत्रण मिला, न ही कोई प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचा।
भाजपा नेता ने इसे वैश्विक स्तर पर बंगाल की उपेक्षा करार देते हुए कहा कि यह ममता बनर्जी सरकार के कुप्रबंधन और कथित औद्योगिक पतन का परिणाम है, जिसने राज्य को आर्थिक रूप से पीछे धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य राज्य जहां निवेश और विकास को लेकर दुनिया के सामने अपनी उपलब्धियां रख रहे हैं, वहीं बंगाल सरकार इस महत्वपूर्ण मंच से पूरी तरह गायब है।
मालवीय ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विदेश यात्राओं को केवल प्रचार और फोटो सेशन तक सीमित रखती हैं। उन्होंने कहा कि स्पेन और लंदन जैसी जगहों की यात्राओं के दौरान किए गए कुछ बयान देश के स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने वाले और औपनिवेशिक सोच को बढ़ावा देने वाले रहे हैं। इसके बावजूद, जब वैश्विक निवेश और आर्थिक संभावनाओं की बात आती है, तो बंगाल को दावोस जैसे मंच पर जगह नहीं मिल पाती।
अपने पोस्ट में अमित मालवीय ने कहा कि दावोस में बंगाल की “खाली कुर्सी” एक बड़ी आर्थिक विफलता को दर्शाती है, जिसे तृणमूल कांग्रेस जनता से छिपाना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि राज्य को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो बंगाल को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित कर सके।
अंत में मालवीय ने वर्ष 2026 का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में “डबल इंजन सरकार” के जरिए बंगाल को फिर से विकास और गौरव के पथ पर लाया जाएगा।
बहरहाल, भाजपा नेता के इस पोस्ट को लेकर खबर लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस या पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

