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डीए मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा के निशाने पर ममता बनर्जी

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डीए मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा के निशाने पर ममता बनर्जी


कोलकाता, 05 फ़रवरी (हि. स.)। महंगाई भत्ता (डीए) मामले में सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भाजपा के निशाने पर आ गई हैं। शीर्ष अदालत द्वारा राज्य सरकार को कर्मचारियों के बकाया डीए के भुगतान का निर्देश दिए जाने के बाद भाजपा नेताओं ने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्षों की देरी और अदालत के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी के बाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने लगभग 20 लाख राज्य सरकारी कर्मचारियों को राहत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने अपने ही कर्मचारियों के वैध अधिकारों को लंबे समय तक रोक रखा।

अमित मालवीय के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 2008 से 2019 तक के डीए बकाये के भुगतान का आदेश दिया है और छह मार्च तक कम से कम 25 प्रतिशत राशि जारी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्य सरकार की कर्मचारियों के प्रति उदासीनता और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है।

भाजपा नेता ने इस फैसले को न्याय और जवाबदेही की बड़ी जीत बताते हुए दावा किया कि भाजपा बंगाल ने हर स्तर पर राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ खड़े होकर उनकी आवाज बुलंद की। उनके मुताबिक यह फैसला न सिर्फ कर्मचारियों के लिए राहत है, बल्कि ममता बनर्जी सरकार की नीतियों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय