अनुदान प्राप्त संस्थाओं के कर्मचारियों के डीए एरियर भुगतान की तैयारी तेज, वित्त विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
कोलकाता, 05 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार का वित्त विभाग विभिन्न सरकारी अनुदान प्राप्त (ग्रांट-इन-एड) संस्थाओं के कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ता (डीए) एरियर के भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप एरियर भुगतान की प्रक्रिया लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों के आईटी कर्मियों, जो वेतन और अन्य वित्तीय बिल पोर्टलों पर बिल अपलोड करने की जिम्मेदारी संभालते हैं, को फिलहाल किसी अन्य वित्तीय एरियर का बिल जमा नहीं करने का निर्देश दिया गया है। प्राथमिकता केवल डीए एरियर से जुड़े बिलों को दी जाएगी।
यह प्रक्रिया उन कर्मचारियों के लिए है, जिन्हें सरकारी कोषागार से सीधे वेतन नहीं मिलता, बल्कि वे सरकारी अनुदान प्राप्त संस्थाओं में कार्यरत हैं। इनमें सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी, पंचायत, नगर निकाय, वैधानिक बोर्ड, निगम तथा अन्य अनुदान प्राप्त संस्थाओं के कर्मचारी शामिल हैं। इन कर्मचारियों को 'रोपा-2009' के तहत लंबित डीए एरियर का भुगतान किया जाएगा।
हाल ही में वित्त विभाग और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें सभी विभागों को अगले 15 दिनों के भीतर अपने-अपने वेतन पोर्टलों पर डीए एरियर के बिल जमा करने के लिए अलग विकल्प या मॉड्यूल तैयार करने का निर्देश दिया गया। तकनीकी तैयारी पूरी होने के बाद वित्त विभाग एरियर बिल जमा करने की अगली प्रक्रिया शुरू करेगा।
करीब दस वर्षों तक सुप्रीम कोर्ट में चली कानूनी प्रक्रिया के बाद यह एरियर भुगतान सुनिश्चित हुआ है। यह प्रक्रिया 'रोपा-2019' के तहत घोषित 20 प्रतिशत डीए से अलग है। वित्त विभाग ने सभी विभागों के नोडल अधिकारियों और आईटी कर्मियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
बंगीय शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी समिति के नेता स्वपन मंडल ने कहा कि संगठन लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार लंबित डीए भुगतान की मांग कर रहा था। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुर्गा पूजा से पहले कर्मचारियों को एरियर की पहली किस्त जारी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एक अक्टूबर 2026 से संशोधित मूल वेतन का 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि बढ़ा हुआ डीए पहले नवंबर से मिलने वाला था, लेकिन अब इसका भुगतान दुर्गा पूजा से पहले कर्मचारियों के खातों में भेजा जाएगा। इसी क्रम में अब अनुदान प्राप्त संस्थाओं के कर्मचारियों के लंबित डीए एरियर के भुगतान की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

