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पीईएमजीपी ऋण के बहाने व्यापारियों को बना रहे निशाना, मेदिनीपुर के व्यवसायी ने गंवाए लाखों

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पीईएमजीपी ऋण के बहाने व्यापारियों को बना रहे निशाना, मेदिनीपुर के व्यवसायी ने गंवाए लाखों


पश्चिम मेदिनीपुर, 19 जनवरी (हि. स.)। जिले में साइबर अपराधियों ने अब रसूखदार परिवारों को भी अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया है। ताजा मामले में मेदिनीपुर नगर पालिका के अध्यक्ष (चेयरमैन) सौमेन खान के चचेरे भाई और व्यवसायी देवाशीष खान केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी ऋण योजना के नाम पर बड़े साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें ऋण दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से करीब एक लाख 34 हजार रुपये की ठगी कर ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेदिनीपुर शहर के जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र के निवासी देवाशीष खान अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए ऋण की तलाश में थे। दिसंबर 2025 में उन्होंने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के तहत ऋण लेने की तैयारी की थी। इसी दौरान अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनसे संपर्क कर स्वयं को सरकारी विभाग का अधिकारी बताते हुए विश्वास में ले लिया।

पीड़ित का आरोप है कि ठगों ने पहले उन्हें ऋण आवेदन से जुड़ा प्रारूप भेजा और व्यापार लाइसेंस सहित अन्य जरूरी दस्तावेज हासिल कर लिए। इसके बाद अलग-अलग मदों में रुपये ऐंठने का सिलसिला शुरू हुआ।

पहले ‘ऋण बीमा’ के नाम पर 11 हजार रुपये, फिर ‘वन टाइम सेटलमेंट चार्ज’ के तौर पर 54 हजार रुपये और अंत में ‘निरीक्षण शुल्क’ के नाम पर 68 हजार रुपये वसूले गए। कुल एक लाख 34 हजार रुपये देने के बावजूद जब ऋण की राशि खाते में नहीं आई, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

इस पूरे मामले में रविवार शाम साइबर विभाग के अधिकारियों ने ठगी की घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित द्वारा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और स्थानीय साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई है।

अधिकारियों के अनुसार, जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, उनके बैंक विवरण खंगाले जा रहे हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मेदिनीपुर नगर पालिका अध्यक्ष सौमेन खान ने कहा कि आम लोगों को सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगने का यह गंभीर मामला है और प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

वहीं, साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी सरकारी ऋण योजना में ऋण स्वीकृति से पहले किसी प्रकार की अग्रिम राशि नहीं ली जाती। ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज से सतर्क रहने की जरूरत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता