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मॉर्ग में भी ‘कटमनी’! शव रखने के लिए दो हजार रुपये मांगने का आरोप सरकारी अस्पताल पर

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सिलीगुड़ी, 30 जुलाई (हि.स.)। राज्य में प्रशासनिक फेरबदल और वसूली-कटमनी के खिलाफ सख्त संदेश के बावजूद उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की तस्वीर बदलती नजर नहीं आ रही है। इस बार अस्पताल के मॉर्ग में शव रखने को लेकर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप सामने आया है।

सड़क दुर्घटना में मृत एक व्यक्ति के परिवार ने आरोप लगाया कि पोस्टमॉर्टम से पहले रात में शव रखने के लिए अस्पताल के एक कर्मचारी ने उनसे दो हजार रुपये की मांग की। पुलिस में शिकायत करने की चेतावनी देने पर आरोपित कर्मचारी पीछे हट गया। इस घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया है। आरोपित के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और उसे गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को जलपाईगुड़ी के काजीपाड़ा के तालमाहाट क्षेत्र के धापाचिला गांव निवासी बीरेन राय (50) की फाटापुकुर इलाके में एक दर्दनाक बाइक दुर्घटना में मौत हो गई। सुबह सूचना मिलने पर परिजन उन्हें उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि पोस्टमॉर्टम का निर्धारित समय निकल जाने के कारण शव को रात में मॉर्ग में रखने की व्यवस्था की गई।

आरोप है कि शाम करीब पांच बजे जब शव को मॉर्ग में रखा जा रहा था, तब वहां के एक कर्मचारी ने मृतक के परिजनों से दो हजार रुपये रिश्वत के तौर पर मांगे। मृतक के पड़ोसी फुलेश्वर राय ने नाराजगी जताते हुए कहा, “हम गरीब लोग हैं, राजमिस्त्री का काम करके परिवार चलाते हैं। सरकारी जगह पर क्यों बेवजह पैसे दें? जब हमने पैसे देने से मना किया, तो कर्मचारी ने मॉर्ग का दरवाजा बंद कर दिया और चला गया। बाद में जब हम पुलिस के पास जाने लगे, तब वह वापस आया और शव को अंदर रखने दिया।

”बुधवार सुबह जब परिजन लिखित शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो आरोपित कर्मचारी वहां नहीं मिला और बाद में किसी ने पैसे की मांग भी नहीं की।मृतक के बेटे विकास राय ने कहा कि दुख की घड़ी में इस तरह का व्यवहार बेहद पीड़ादायक है।

वहीं अस्पताल की एक नर्सिंग स्टाफ (नाम उजागर नहीं करना चाहतीं) ने भी आरोपों का समर्थन करते हुए कहा, “यहां शव रखने से लेकर पोस्टमार्टम के बाद सिलाई के नाम पर भी कुछ कर्मचारी पैसे मांगते हैं। परिवार वाले मानसिक रूप से टूटे होते हैं, इसलिए कई बार मजबूरी में पैसे दे देते हैं। इस तरह के भ्रष्टाचार को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।”

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार