चुनाव 26 : आसनसोल में वाम मोर्चा ने राज्य तथा केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा
आसनसोल, 12 अप्रैल (हि. स.)। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी के बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम ने आसनसोल में एक सभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य दोनों सरकारों पर तीखा हमला बोला। रविवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट की उम्मीदवार शिल्पी चक्रवर्ती के समर्थन में बर्नपुर इलाके में एक रैली तथा जनसभा का आयोजन किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वाम मोर्चा शासनकाल के बाद राज्य में उद्योग-धंधों का लगातार पतन हुआ है, जिसका खामियाजा आज युवाओं और श्रमिकों को भुगतना पड़ रहा है।
अपने संबोधन में मोहम्मद सलीम ने कहा कि वाम मोर्चा के समय आसनसोल-बर्नपुर औद्योगिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास हुआ था और इस्पात कारखानों का आधुनिकीकरण भी उसी दौर में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और अन्य संगठनों ने मिलकर वाम सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाया था।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महंगाई कम करने और हर साल करोड़ों युवाओं को रोजगार देने के दावे पूरे नहीं हुए। रसोई गैस की कीमतों में कमी के बजाय बढ़ोतरी का भी उन्होंने मुद्दा उठाया।
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की राजनीति की शुरुआत ही उद्योगों के खिलाफ आंदोलनों से हुई थी, जिसके कारण राज्य में औद्योगिक निवेश प्रभावित हुआ। उन्होंने दावा किया कि आज बंगाल के युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।
श्रमिकों की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों में ठेका मजदूरों की संख्या बढ़ रही है और स्थायी रोजगार के अवसर घटते जा रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि वामपंथी सरकार बनने पर ठेका श्रमिकों के नियमितीकरण और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
मोहम्मद सलीम ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में कई जनकल्याणकारी योजनाएं, जो वाम शासनकाल में शुरू हुई थीं, उन्हें बाद की सरकारों ने बंद कर दिया या कमजोर कर दिया। उन्होंने किसानों के शोषण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को भी गंभीर मुद्दा बताया।
राजनीति में धर्म के बढ़ते इस्तेमाल पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मंदिर-मस्जिद के नाम पर समाज को बांटा जा रहा है, जबकि असली मुद्दा जनता की सेवा और विकास होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म और राजनीति को अलग रखना जरूरी है।
सलीम ने तृणमूल कांग्रेस और भाजपा—दोनों पर आरोप लगाया कि वे प्रशासनिक तंत्र का राजनीतिक उपयोग कर रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावी अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे धर्म और जाति की राजनीति से ऊपर उठकर वामपंथी विचारधारा को मजबूत करें और माकपा को फिर से सत्ता में लाने के लिए समर्थन दें।
इस दौरान सभा में पार्टी के जिला सचिव गौरांग चटर्जी, जिला कमेटी सदस्य पार्थो मुखर्जी, अशोक मुखर्जी सहित अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

