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बारुईपुर प्रकरण की न्यायिक जांच और 21 जुलाई गोलीकांड की फाइल खोलने की मांग

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बारुईपुर प्रकरण की न्यायिक जांच और 21 जुलाई गोलीकांड की फाइल खोलने की मांग


खड़गपुर, 08 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिला कांग्रेस के आह्वान पर 21 जुलाई को कोलकाता के शहीद मीनार में आयोजित होने वाली सभा की तैयारी को लेकर बुधवार को खड़गपुर के ट्रैफिक गोलखोली स्थित दुर्गा मंदिर सभागार में प्रस्तुति बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार सहित जिला एवं प्रदेश के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में शुभंकर सरकार ने बारुईपुर की घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि तृणमूल शासनकाल में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, चिकित्सकों से लेकर विधि के विद्यार्थियों तक, समाज का कोई भी वर्ग अत्याचार से अछूता नहीं रहा। जिन राज्यों में दोहरे इंजन की सरकार है, वहां महिलाओं पर अधिक हमले और अमानवीय अत्याचार देखने को मिले हैं। उनके अनुसार अब पश्चिम बंगाल में बारुईपुर का नाम भी हाथरस और उन्नाव जैसी घटनाओं के साथ जुड़ गया है।

उन्होंने कथित मुठभेड़ पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि संबंधित व्यक्ति कहीं कोई गोपनीय जानकारी उजागर न कर सके, इसलिए उसकी योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर उसे मुठभेड़ का नाम दिया गया। उन्होंने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने तथा किसी न्यायाधीश की निगरानी में मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 1993 के 21 जुलाई के आंदोलन में जिन लोगों की मृत्यु हुई थी, उनके हाथों में युवा कांग्रेस और कांग्रेस के ध्वज थे। बाद के वर्षों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने 21 जुलाई को शहीद दिवस के नाम पर शक्ति प्रदर्शन और भीड़ जुटाने के आयोजन में बदल दिया, जिससे शहीदों का स्मरण गौण हो गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले की तरह इस वर्ष भी 21 जुलाई को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ शहीद दिवस मनाएगी।

शुभंकर सरकार ने राज्य सरकार से वर्ष 1993 के 21 जुलाई गोलीकांड की फाइल दोबारा खोलने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की।

बैठक में 21 जुलाई के कार्यक्रम की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता