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बागेश्वर बाबा के खिलाफ प्रदर्शन कर गिरफ्तार हुए कांग्रेस नेता अरूप मुखर्जी को मिली जमानत

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बागेश्वर बाबा के खिलाफ प्रदर्शन कर गिरफ्तार हुए कांग्रेस नेता अरूप मुखर्जी को मिली जमानत


आसनसोल, 16 सितंबर (हि. स.)। बागेश्वर बाबा की तस्वीर से जुड़े विवाद में गिरफ्तार किए गए कांग्रेस नेता अरूप मुखर्जी को आसनसोल जिला अदालत से बुधवार को जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। करीब सात दिन जेल हिरासत में रहने के बाद उन्हें रिहा किया गया। उनके जेल से बाहर आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला। समर्थकों ने उनका स्वागत किया और रिहाई पर राहत जताई।

मिली जानकारी के अनुसार, अरूप मुखर्जी आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के निवासी हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर बाबा के नाम से जाना जाता है। यह विवाद बागेश्वर बाबा की ओर से दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार को लेकर कथित अपील के विरोध से जुड़ा था। कांग्रेस की ओर से विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए गए थे। आसनसोल में भी प्रदर्शन के दौरान बागेश्वर बाबा की तस्वीर या पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हुआ। शिकायतकर्ताओं ने तस्वीर के साथ कथित आपत्तिजनक व्यवहार का आरोप लगाया। आसनसोल में भाजपा युवा मोर्चा की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अरूप मुखर्जी को गिरफ्तार किया। उन्हें आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल हिरासत में भेज दिया गया था।

गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी रिहाई की मांग उठाई थी। अब करीब एक सप्ताह बाद अरूप मुखर्जी के जेल से बाहर आने पर समर्थकों में उत्साह देखा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी रिहाई पर खुशी जताई और उनका स्वागत किया।

अरूप मुखर्जी की गिरफ्तारी के बाद यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी चर्चा में रहा। कोलकाता में भी बागेश्वर बाबा से जुड़े विरोध प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस नेता अतनु दास की गिरफ्तारी की खबर सामने आई थी। दोनों मामलों को लेकर कांग्रेस की ओर से आपत्ति जताई गई थी।

हालांकि, किसी भी मामले में लगाए गए आरोप और अदालत में सिद्ध तथ्य अलग-अलग होते हैं। अरूप मुखर्जी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा। फिलहाल उनकी रिहाई के बाद आसनसोल में कांग्रेस समर्थकों के बीच खुशी का माहौल है और अब सभी की नजर मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर बनी हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा