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लोकभवन मार्च के दौरान कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, प्रदेश अध्यक्ष सहित कई नेता हिरासत में लिए गए

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कोलकाता , 10 जून (हि.स.)।

पुनर्वास के बिना हॉकर्स की बेदखली पर रोक लगाने तथा ‘नीट’ परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर आयोजित ‘लोकभवन’ (पूर्व राजभवन) अभियान के दौरान कोलकाता की सड़कों पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार समेत कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सरकार गरीब हॉकर्स और आम लोगों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तनाव बना रहा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि लाखों लोगों के नाम पहले मतदाता सूची से हटाए गए और अब भी 27 लाख लोगों की स्थिति ट्रिब्यूनल में लंबित रखी गई है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही गरीब हॉकर्स की दुकानें, घर और जीविका के साधन तोड़े जा रहे हैं, जबकि अवैध निर्माण करने वाले प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

उन्होंने भाजपा पर गरीब विरोधी और हॉकर विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि आम लोगों के अधिकारों, छात्र-युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना किसी भी प्रकार की बेदखली स्वीकार नहीं की जाएगी और ‘नीट’ परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ भी उनका विरोध जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा