शिल्पांचल में अवैध वसूली नेटवर्क सक्रिय, ईडी जांच में चौंकाने वाले खुलासे
आसनसोल, 13 अप्रैल (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर-आसनसोल कोयला क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय अवैध वसूली के विशाल नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोलकाता इकाई ने इस मामले में नौ अप्रैल 2026 को विशेष पीएमएलए अदालत में चिनमय मंडल, किरण खान समेत पांच आरोपितों के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल कर दी है, जिससे पूरे कोयला सिंडिकेट की परतें खुलने लगी हैं।
जांच की जड़ें ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (इसीएल), सीआइएसएफ और स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज 54 एफआइआर से जुड़ी हैं। ईडी के मुताबिक, इन एफआइआर के आधार पर सामने आया कि क्षेत्र में एक संगठित गिरोह वर्षों से वैध कोयला कारोबार की आड़ में जबरन वसूली चला रहा था। यह नेटवर्क कोयला खरीदारों और ट्रांसपोर्टरों से 275 से डेढ़ हजार रुपये प्रति टन तक वसूली करता था, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘जीटी’ यानी ‘गुंडा टैक्स’ कहा जाता था।
ईडी का दावा है कि पिछले पांच वर्षों में इस अवैध वसूली के जरिए 650 करोड़ रुपये से अधिक की काली कमाई की गई। इस रकम को छिपाने के लिए ‘हैंडलिंग चार्ज’ और ‘डोनेशन’ जैसे नामों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे अवैध लेन-देन को वैध दिखाया जा सके।
जांच के दौरान नवंबर 2025 और फरवरी 2026 में की गई छापेमारी में 17.57 करोड़ रुपये की नकदी, बैंक बैलेंस और कीमती सामान जब्त किए गए, जबकि बड़ी मात्रा में कोयला और कोक भी बरामद हुआ। डिजिटल डिवाइस, व्हाट्सएप चैट और वसूली से जुड़े दस्तावेजों ने इस पूरे सिंडिकेट के संगठित और तकनीकी ढांचे की पुष्टि की है।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि काली कमाई को सफेद बनाने के लिए कई फर्जी कंपनियों का सहारा लिया गया। साथ ही, अवैध कोयला परिवहन को बिना बाधा जारी रखने के लिए कुछ अधिकारियों और स्थानीय राजनीतिक तत्वों को रिश्वत दिए जाने के संकेत भी मिले हैं।
इस मामले में मुख्य आरोपित चिनमय मंडल और किरण खान को नौ फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।
इस कार्रवाई को पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों में लंबे समय से जारी अवैध खनन और रंगदारी तंत्र पर अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

