सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पीपीओ पुस्तिका वितरण की ऐतिहासिक पहल
आसनसोल, 13 मई (हि. स.)। पेंशनभोगियों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सीएमपीएफओ आसनसोल रीजन-1 ने क्षेत्रीय आयुक्त-I अजय कुमार सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) पुस्तिकाएं जारी करने की शुरुआत की।
पीपीओ प्रत्येक पेंशनभोगी का अधिकार है। जहां सीएमपीएफओ के सदस्यों को सेवानिवृत्ति के एक माह के भीतर पीपीओ प्राप्त हो जाता है, वहीं यह विडम्बना थी कि स्वयं सीएमपीएफओ के अनेक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कई वर्षों बाद भी उनकी पीपीओ पुस्तिका उपलब्ध नहीं हो पाई थी। यह विषय लंबे समय से पेंशनर्स एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में शामिल था।
इस समस्या के समाधान हेतु सीएमपीएफओ आसनसोल रीजन-1 ने पहल करते हुए पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पीपीओ पुस्तिकाएं तैयार कर उनका वितरण प्रारंभ किया। 13 मई 2026 को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सीएमपीएफओ के माननीय बीओटी सदस्य राकेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में 12 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पीपीओ पुस्तिकाएं प्रदान की गईं।
पेंशनभोगियों ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न सत्यापन प्रक्रियाओं, विशेषकर एसआईआर सत्यापन में पीपीओ विवरण की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन पुस्तिका उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
पेंशनभोगी अजय शर्मा एवं शिखा चक्रवर्ती ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए सीएमपीएफओ रीजन-1 के कर्मचारियों तथा विशेष रूप से क्षेत्रीय आयुक्त-I अजय कुमार सिंह का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस लंबे समय से लंबित समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।
इस अवसर पर अजय कुमार सिंह ने कहा कि यह केवल शुरुआत है तथा रीजन के सभी पात्र पेंशनभोगियों को पीपीओ पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अन्य क्षेत्रीय कार्यालय भी पेंशनभोगियों के हित में ऐसी पहल करेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि भविष्य में सभी पेंशनभोगियों को पेंशनर पहचान पत्र (पेंशन आईडी कार्ड) जारी करने का भी प्रयास किया जाएगा, जिससे पेंशन संबंधी सेवाओं को और अधिक व्यवस्थित एवं सुगम बनाया जा सके।
सीएमपीएफओ आसनसोल रीजन-1 की इस पहल की सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों द्वारा व्यापक सराहना की जा रही है तथा इसे पेंशनभोगी कल्याण की दिशा में एक सराहनीय एवं मानवीय कदम माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

