तारातला हादसे के बाद भवन सुरक्षा की विशेष निगरानी शुरू, बचावकर्मियों को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किया सम्मानित
कोलकाता, 04 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना के बाद राज्य सरकार ने भवनों और निर्माण कार्यों की सुरक्षा की विशेष निगरानी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री कोलकाता पुलिस की ओर से तारातला हादसे में राहत एवं बचाव अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों और अन्य एजेंसियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि 24 जून को कोलकाता के तारातला क्षेत्र में निर्माणाधीन एक गोदाम ढह जाने से 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 17 अन्य लोगों को सुरक्षित बचाया गया था।
मुख्यमंत्री ने कोलकाता पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, भारतीय रेल, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों, भारतीय सेना तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल सहित सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी ने मिलकर जिस तरह से राहत एवं बचाव अभियान चलाया, वह आपदा प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि हम सभी बचावकर्मियों को नमन करते हैं। आपसी समन्वय के कारण 17 लोगों की जान बचाई जा सकी। भविष्य में भी सभी एजेंसियों के बीच इसी तरह का सहयोग बना रहना चाहिए, क्योंकि प्रत्येक जीवन की रक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों, विशेषकर युवाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि आपदा के तुरंत बाद सबसे पहले उन्होंने ही राहत कार्य शुरू किया था। उन्होंने कहा कि वह स्वयं तारातला जाकर स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त करने का प्रयास करेंगे।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद भवनों और निर्माण परियोजनाओं का विशेष ऑडिट कराया जा रहा है तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री अग्निमित्रा पाल, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि तारातला हादसे के बाद राज्य सरकार ने कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ राजारहाट-न्यू टाउन, महेशतला, बजबज, बिष्णुपुर, सोनारपुर और बारुईपुर नगर निकाय क्षेत्रों में आपातकालीन कार्यों को छोड़कर चार सप्ताह के लिए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। इस दौरान स्वीकृत भवन योजनाओं का सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

