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मुख्यमंत्री के जनता दरबार में कैसे मिलेगी एंट्री? जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया

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मुख्यमंत्री के जनता दरबार में कैसे मिलेगी एंट्री? जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया


कोलकाता, 16 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 'जनता दरबार' की शुरुआत की है। यह जनता दरबार भारतीय जनता पार्टी के साल्ट लेक स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं, शिकायतें और पिछली सरकार के कार्यकाल से जुड़े मामलों की जानकारी मुख्यमंत्री के समक्ष रख रहे हैं।

जनता दरबार में शामिल होने के इच्छुक लोगों के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया तय की गई है। बिना इस प्रक्रिया का पालन किए मुख्यमंत्री से मुलाकात संभव नहीं है।

जनता दरबार में पहुंचने के लिए सबसे पहले आवेदक को साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में बने निर्धारित काउंटर पर जाना होगा। वहां अपनी शिकायत या समस्या की जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही शिकायत से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण भी प्रस्तुत करने होंगे।

काउंटर पर मौजूद अधिकारी पहले स्वयं शिकायत का समाधान करने का प्रयास करेंगे। यदि वहीं समस्या का निस्तारण हो जाता है, तो मुख्यमंत्री से मिलने की आवश्यकता नहीं होगी।

यदि अधिकारियों को लगता है कि मामला जनता दरबार में रखा जाना चाहिए, तो आवेदक का नाम, मोबाइल नंबर और शिकायत का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आवेदक को एक टोकन दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या अन्य वैध पहचान पत्र का विवरण भी लिया जा सकता है।

इसके बाद आवेदक की तत्काल प्रक्रिया पूरी हो जाती है। जनता दरबार आयोजित होने से सामान्यतः दो से तीन दिन पहले भाजपा की ओर से संबंधित व्यक्ति को फोन कर निर्धारित तिथि और समय की सूचना दी जाती है। तय दिन आवेदक को अपना टोकन और सभी मूल दस्तावेज लेकर उपस्थित होना होता है।

मुख्यमंत्री के जनता दरबार में प्रवेश का यही एकमात्र अधिकृत तरीका है। बिना पंजीकरण या केवल सुबह से कतार में लगकर जनता दरबार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाती। इसलिए इच्छुक लोगों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। यहां तक कि ऑनलाइन जरिए से भी रजिस्ट्रेशन की कोई प्रक्रिया नहीं रखी गई है। पार्टी की ओर से बताया गया है कि जनता दरबार में शामिल होने के लिए राज्य भर से लोग आ रहे हैं। उन्हें किसी तरह के भ्रम की स्थिति में नहीं पड़ना पड़े या किसी ठगी का शिकार ना हों, इसलिए इस प्रक्रिया को जान लेना आवश्यक है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर