मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का विपक्ष को संदेश, कहा- हर पत्र का मिलेगा जवाब, संवाद के लिए दरवाजे खुले रहेंगे
कोलकाता, 15 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में स्पीकर चुनाव के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विपक्षी विधायकों, विशेषकर तृणमूल कांग्रेस सदस्यों के लिए विशेष संदेश देते हुए कहा कि उनकी सरकार संवाद और जवाबदेही की नीति पर काम करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब विपक्ष के पत्रों का जवाब मिलेगा और समस्याओं के समाधान का भी प्रयास किया जाएगा।
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाउस बिलॉन्ग्स टू ऑपोजिशन” की भावना को आधार बनाकर सदन की कार्यवाही चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संख्या में आप लोग कम हैं, लेकिन हम सदन को 50-50 की भावना से चलाना चाहते हैं। हमारी संख्या अधिक होने के बावजूद हम चाहेंगे कि स्पीकर विपक्ष को अधिक बोलने का अवसर दें।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी विधायकों को मंत्रियों से मिलने और अपनी समस्याएं रखने का भी प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि यदि आपकी पार्टी अनुमति दे, तो आप मंत्रीगण से मिल सकते हैं। हम मंत्रियों से भी कहेंगे कि वे मिलने के लिए समय दें। आवश्यकता पड़ने पर आप पत्र भेज सकते हैं।
पूर्ववर्ती सरकार पर परोक्ष हमला बोलते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले कई मंत्री विपक्ष के पत्रों का जवाब नहीं देते थे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से तो जवाब की उम्मीद ही नहीं की जाती थी। लेकिन हमारी सरकार में यदि कोई पत्र आएगा, तो उसका उत्तर जरूर दिया जाएगा। केवल प्राप्ति स्वीकार ही नहीं, बल्कि सकारात्मक समाधान का प्रयास भी होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की नई सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्शों के अनुरूप काम करेगी, जैसा देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों में किया जा रहा है।
अपने संबोधन में शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि विपक्ष के नेता को 11 महीने तक विधानसभा से बाहर रहना पड़े। किसी विधायक के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार हो, यह भी हम नहीं चाहते। भाषा की मर्यादा बनी रहनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार रचनात्मक विपक्ष और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम संविधान को सर्वोपरि मानकर काम करना चाहते हैं। विधानसभा में सभी पक्षों का प्रतिनिधित्व जरूरी है। स्पीकर सरकार से परामर्श करके सदन चलाएंगे और उनके निर्देशों का हम पालन करेंगे।
उल्लेखनीय है कि विपक्ष के नेता रहने के दौरान शुभेंदु अधिकारी स्वयं कई बार विधानसभा में अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर चुके हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

