आशीष बनर्जी के परिवार से मिले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, कहा- टीआरडीए की जांच जारी रहेगी
कोलकाता, 29 अगस्त (हि. स.)। बीरभूम जिले के दौरे पर पहुंचे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री आशीष बनर्जी के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने शोकसंतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई और कहा कि आशीष के निधन की घटना बेहद दुखद है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि तारापीठ-रामपुरहाट विकास प्राधिकरण में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर चल रही जांच बंद नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने परिवार से कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि राजनीतिक रूप से अलग विचारधारा होने के बावजूद आशीष बनर्जी ने उनके द्वारा दी गई काली की प्रतिमा को सम्मान के साथ अपने घर में रखा था और उसकी नियमित पूजा करते थे।
गौरतलब है कि 16 अगस्त को रामपुरहाट स्थित अपने आवास के निचले तल पर बने पार्टी कार्यालय से आशीष बनर्जी का शव फंदे से लटका मिला था। मौके से 233 शब्दों का एक पत्र भी बरामद हुआ था, जिसे जांचकर्ता उनका सुसाइड नोट मान रहे हैं। पत्र में तारापीठ-रामपुरहाट विकास प्राधिकरण से संबंधित जिम्मेदारियों का जिक्र था। आशीष ने कथित तौर पर लिखा था कि प्राधिकरण में उनकी जिम्मेदारी केवल आम बैठकों तक सीमित थी। वह निविदा समिति के सदस्य नहीं थे और न ही उनके पास चेक जारी करने की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा योजना मंजूर करने या अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने से संबंधित मामलों में भी उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
आशीष बनर्जी विधायक पद के साथ तारापीठ और रामपुरहाट क्षेत्र के समग्र विकास, योजना और पर्यटन से जुड़े कार्यों को देखने वाले प्राधिकरण के अध्यक्ष भी रहे थे। विधानसभा चुनाव से पहले प्राधिकरण में वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। चुनाव के बाद इन आरोपों की जांच भी शुरू की गई।
टीआरडीए से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आशीष बनर्जी की मृत्यु बेहद पीड़ादायक है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि टीआरडीए को लेकर जांच हुई है और आगे भी जांच जारी रहेगी। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आशीष बनर्जी के पुत्र शतदल बनर्जी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद से मुख्यमंत्री लगातार उनके परिवार के साथ खड़े रहे हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री ने परिवार के सभी सदस्यों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया।
मुख्यमंत्री ने बीरभूम दौरे के दौरान जिले के लिए कई प्रशासनिक घोषणाएं भी कीं। रामपुरहाट में हुई प्रशासनिक बैठक में उन्होंने तारापीठ के विकास के लिए अलग से पांच करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि तारापीठ में भी तारकेश्वर की तर्ज पर हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने तारापीठ जाने वाले मार्ग पर हर पांच किलोमीटर पर पुलिस शिविर बनाने का निर्देश दिया। इन शिविरों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी रहेगी। इसके अलावा उन्होंने जिला प्रशासन को तारापीठ में एक बड़ा पर्यटक आवास बनाने की दिशा में काम करने को कहा, ताकि बड़ी संख्या में मध्यमवर्गीय और निम्न मध्यमवर्गीय लोग वहां ठहर सकें।
तारापीठ के एक होटल में हाल में हुई आग की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार होटल में ताला लगा हुआ था और उसे बेहद असुरक्षित स्थिति में रखा गया था। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले को देखेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

