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नंदीग्राम-रेजीनगर की जीत पर कोलकाता में भाजपा का विजय जुलूस, शुभेंदु ने शहर के लिए 'ट्रिपल इंजन' का आह्वान किया

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विक्टोरिया हाउस के पास सभा पर तृणमूल ने उठाए सवाल

कोलकाता, 12 अक्टूबर (हि. स.)। नंदीग्राम और रेजीनगर के उपचुनावों में मिली बड़ी जीत का जश्न मनाने के लिए भाजपा ने सोमवार को कोलकाता में विजय जुलूस निकाला। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने संयुक्त रूप से जुलूस का नेतृत्व किया और विक्टोरिया हाउस के पास बने मंच से सभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कोलकाता और हावड़ा के मतदाताओं से 'ट्रिपल इंजन' देने का आह्वान किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने अदालती आदेश के बावजूद उस स्थान पर सभा की अनुमति पर सवाल उठाया।

उत्तर कोलकाता के मुरलीधर सेन लेन में भाजपा के पुराने प्रदेश कार्यालय के सामने से जुलूस शुरू हुआ। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ अग्रिम पंक्ति में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल भी मौजूद थे। राज्य के तीन महासचिव ज्योतिर्मय सिंह महतो, लॉकेट चटर्जी और शशि अग्निहोत्री के साथ नंदीग्राम और रेजीनगर में जीतीं हासिरानी रथ और शाखारव सरकार भी जुलूस में शामिल हुईं। जुलूस के अंत में सभा के लिए आयकर भवन के सामने का हिस्सा चुना गया, जहां ममता बनर्जी हर वर्ष 21 जुलाई की रैली करती थीं।

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कोलकाता नगर निगम चुनाव के प्रचार की एक तरह से शुरुआत कर दी। उन्होंने कहा कि मोदी जी के कहने पर आपने डबल इंजन (केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार) दिया है। अब मुख्यमंत्री के कहने पर ट्रिपल इंजन देना होगा। हावड़ा, कोलकाता देना होगा, वादा कीजिए। उन्होंने कहा कि मैंने नंदीग्राम जाकर इसी तरह कहा था कि फलता को हराना है। आज राजपथ पर खड़े होकर आपसे मांग रहा हूं। हावड़ा, कोलकाता देंगे न? सभी वार्डों में कमल खिलेगा न?

प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने उपचुनाव के संदर्भ में कहा कि न रक्तपात, न बमबाजी, न बूथ कब्जा, न जेसीबी से घर तोड़ना, न सामूहिक दुष्कर्म, न आगजनी, न प्रत्याशी पर हमला। दरअसल पश्चिम बंगाल के लोगों ने 2026 में एक परिवर्तन किया है। यह परिवर्तन एकदलीय और एकाधिकारवादी राजनीतिक वर्चस्व से मुक्ति का है। उनका दावा है कि साढ़े चार महीने की सरकार के कामकाज का असर नंदीग्राम और रेजीनगर के नतीजों में दिखा है।

शमीक और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, दोनों ने घुमा-फिराकर यह दावा किया कि नंदीग्राम और रेजीनगर में अल्पसंख्यकों ने भाजपा को वोट दिया। शमीक ने कहा कि यह जीत पूरे समाज में दूरगामी संदेश देगी और अल्पसंख्यक समाज ने इसी को ध्यान में रखकर भाजपा को वोट देना शुरू किया है।

मुख्यमंत्रीने कहा कि एक धारणा बनाई गई थी कि भाजपा सिर्फ हिंदुओं के वोट से जीतती है। उनके अनुसार, एक समुदाय से कहा गया था कि भाजपा आई तो उसके धार्मिक आचरण पर रोक लगेगी और उसे बांग्लादेश जाना पड़ेगा, लेकिन उसने देखा कि वोट न देने के बावजूद भाजपा का विजयरथ नहीं रुका, इसलिए अब वह मुख्यधारा में आकर विकास के लक्ष्य के साथ खड़ा है।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि रेजीनगर जैसी अल्पसंख्यक बहुल सीट पर भी ममता तृणमूल के प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले उन्होंने बंगाली-गैर-बंगाली और जाति के नाम पर बांटने की कोशिश की, पहाड़ में 11 अलग बोर्ड बनाए और मतुआ परिवार में विवाद खड़ा किया। उनके मुताबिक, इस बार एकजुट होकर लड़ने से भाजपा को नतीजा मिला।

दूसरी ओर, सभा स्थल को लेकर ममता तृणमूल ने सवाल उठाए हैं। इस वर्ष 21 जुलाई को पुलिस ने तृणमूल को उसी जगह शहीद दिवस मनाने की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने 2018 में एक मामले में अदालत के निर्देश का हवाला देकर कहा था कि वहां जमावड़ा प्रतिबंधित है। विक्टोरिया हाउस के सामने प्रस्तावित मंच के लिए फीते से नाप-जोख करने पर कुणाल घोष और अन्य के खिलाफ शिकायत भी दर्ज हुई थी। बेलेघाटा के विधायक कुणाल घोष ने सवाल किया कि अदालत के आदेश से वहां जमावड़ा प्रतिबंधित है, तो भाजपा ने किसकी अनुमति से मंच बनाया। शोभनदेव चटर्जी ने कहा कि हर क्षेत्र में कानून तोड़ने की होड़ चल रही है। वे सरकार में हैं, जो चाहें कर सकते हैं।

उत्तर कोलकाता सांगठनिक जिले के भाजपा अध्यक्ष तमोघ्न घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने तृणमूल को अप्रासंगिक बना दिया है। जनादेश से खारिज हुए अप्रासंगिक तृणमूल नेता क्या उल्टा-सीधा बोल रहे हैं, उस पर हमें कुछ नहीं कहना।

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हिन्दुस्थान समाचार / गंगा