सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई, आज से गुंडादमन कानून का एक हिस्सा लागू
कोलकाता, 24 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में सोमवार से गुंडादमन कानून का एक हिस्सा प्रभावी हो गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार शाम नवान्न में पत्रकार वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से तीन गुना क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी और उस पर ब्याज भी लगाया जाएगा। पुलिस पर हमला होने की स्थिति में भी तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विधानसभा के पिछले सत्र में ‘द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ पारित किया गया था। इसे आम तौर पर ‘गुंडादमन विधेयक’ के नाम से जाना जा रहा है। विधानसभा से पारित होने के बाद विधेयक राज्यपाल के पास भेजा गया था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक राज्यपाल ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
विधेयक पेश करते समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि इसका उद्देश्य राज्य को ‘गुंडामुक्त बंगाल’ बनाना है। इसके साथ ही विधानसभा में ‘द वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ भी पारित किया गया। दोनों विधेयकों में पुलिस और प्रशासन को निवारक हिरासत की शक्तियां देने के साथ-साथ असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों की संपत्ति जब्त करने के प्रावधानों को और सख्त बनाने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर पूर्व की घटनाओं का भी संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकारी बसों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं सामने आई थीं। उन्होंने साफ किया कि अब इस तरह की घटनाओं को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नवान्न में पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने यादवपुर विश्वविद्यालय में हाल के छात्र संघर्ष को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। विश्वविद्यालय में भगवा समर्थक और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच विवाद तथा विरोध प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बनी थी। विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर प्रसिद्ध कलाकार नंदलाल बोस द्वारा बनाए गए प्रतीक चिन्ह को नुकसान पहुंचने के मामले ने भी विवाद को बढ़ा दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यादवपुर में ‘किशनजी रेड सैल्यूट’ नहीं चलेगा और इस संबंध में सरकार के पास दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने कार्रवाई के संकेत देते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 28 अगस्त, राखी के दिन, राज्य में देशभक्ति दिवस मनाया जाएगा।
यादवपुर की मौजूदा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्थिति सामान्य है और सोमवार को भी कक्षाएं हुई हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि आर्ट्स हॉस्टल से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे गए हैं। कुछ छात्रों द्वारा भेजे गए इन वीडियो को सत्यापन के लिए कुलपति के पास भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गंगा

