मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका जताई, कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने को कहा
कोलकाता, 05 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों में संभावित छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने मतदान के बाद मशीनों की कड़ी निगरानी रखने की भी अपील की।
मुर्शिदाबाद जिले के जियागंज में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन खराब हो जाती है तो उसी मशीन का दोबारा उपयोग नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि मरम्मत के नाम पर मशीनों में चिप लगाकर छेड़छाड़ की जा सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मतदान के बाद जब मशीनों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए तो उनकी पूरी सतर्कता से निगरानी की जाए।
इस दौरान उन्होंने पिछले सप्ताह उनके भवानीपुर क्षेत्र में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के रोड शो के दौरान हुई घटनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। इस रोड शो में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए थे।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम के लिए बाहर से लोगों को लाया गया था। उन्होंने कहा कि उनके घर के सामने हमला हुआ, उनके पोस्टरों का अपमान किया गया तथा अभिषेक बनर्जी के घर की ओर जूते दिखाए गए। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया।
उन्होंने कहा कि यह स्वस्थ राजनीति नहीं है और नामांकन दाखिल करने के लिए भी बाहरी लोगों को लाया गया।
उल्लेखनीय है कि उस रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के विरोध में काले झंडे और जूते दिखाए थे, जिसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर अमित शाह को अस्थायी रथ से उतरकर वाहन से अलीपुर स्थित सर्वे भवन तक जाना पड़ा, जहां भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस घटना के बाद निर्वाचन आयोग ने भवानीपुर क्षेत्र के चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने लगभग 500 अधिकारियों का तबादला किया है, जिससे राज्य के प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर भी चिंता जताते हुए कहा कि किसी का नाम सूची से हटाना मतदाताओं को डराने का प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के बाद राज्य में किसानों के लिए अलग बजट लाया जाएगा और प्रशासनिक कार्य फिर सामान्य रूप से शुरू होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / गंगा

