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बीजीबीएस पर करोड़ों खर्च, लेकिन बंगाल में उद्योगों का विकास नहीं हुआ : शुभेंदु अधिकारी

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कोलकाता, 25 अक्टूबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन राज्य में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य में उद्योगों का विकास करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।

मुख्यमंत्री रविवार को उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गापूजा पंडाल में हुई भगदड़ में जान गंवाने वाली पूर्व मेदिनीपुर जिले के रामनगर निवासी कल्पना जाना के परिवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सरकारी सहायता प्रदान की। शुभेंदु अधिकारी ने परिवार के दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी में अभिभावक के रूप में साथ खड़े रहने और उनकी मदद करने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्री उमेश राय राज्य के बाहर के दो अन्य मृतकों के परिवारों से मुलाकात करेंगे।

परिवार से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कोजागरी लक्ष्मी पूजा की शुभकामनाएं देते हुए पश्चिम बंगाल की आर्थिक समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार मिले, दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक अपने घर लौट सकें और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो, यही उनकी प्राथमिकता है।

औद्योगिक विकास के संबंध में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में कई स्थानों पर परियोजनाओं का शिलान्यास होने के बाद काम शुरू हो चुका है। उनकी सरकार हर महीने नई पहल करेगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े औद्योगिक समूह पश्चिम बंगाल में निवेश करने में रुचि दिखा रहे हैं।

पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार निवेशकों का स्वागत करती है, लेकिन किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के आयोजन पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन उसका अपेक्षित लाभ उद्योगों को नहीं मिला।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार केवल बैठकों और औपचारिक चर्चाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परियोजनाओं को वास्तविक रूप देने पर जोर देगी। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में व्यापक कार्य करने की भी घोषणा की। साथ ही युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने के लिए कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के साथ समझौते कर रही है। इसके अलावा अडाणी समूह सहित कई बड़े औद्योगिक समूहों के साथ भी समझौते किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना और पश्चिम बंगाल को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा