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मुख्यमंत्री का काफिला रोककर वृद्धा ने लगाई वृद्धावस्था पेंशन की गुहार

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मुख्यमंत्री का काफिला रोककर वृद्धा ने लगाई वृद्धावस्था पेंशन की गुहार


कोलकाता , 01 सितंबर (हि.स.)।

वृद्धावस्था पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी में जीवन गुजार रही 68 वर्षीय वृद्धा सपना दास ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का काफिला रोककर अपनी समस्या बताई। मुख्यमंत्री से मदद का आश्वासन मिलने के बाद भावुक वृद्धा ने उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने पार्टी के जिला अध्यक्ष को वृद्धा के वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित सभी दस्तावेज अपने कार्यालय भेजने का निर्देश दिया है।

मंगलवार सुबह एक कार्यक्रम समाप्त करने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का काफिला जैसे ही यशोर रोड पर पहुंचा, वहां भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच 68 वर्षीय सपना दास खड़ी थीं।

मध्यग्राम के श्रीनगर इलाके में एक कमरे के किराए के मकान में रहने वाली सपना दास काफिले की रफ्तार बढ़ने से पहले ही भीड़ से निकलकर “बाबा रुक जाओ, बाबा रुक जाओ” कहते हुए काफिले की ओर बढ़ने लगीं।

वृद्धा की आवाज सुनकर मुख्यमंत्री ने अपनी गाड़ी रुकवा दी। कार की खिड़की का शीशा नीचे होते ही सपना दास गाड़ी के पास पहुंच गईं। मुख्यमंत्री ने उन्हें “मां” कहकर संबोधित करते हुए पूछा कि वह उनसे क्या कहना चाहती हैं।

वृद्धा ने बताया कि उन्हें अन्नपूर्णा योजना की राशि नहीं मिलती है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अन्नपूर्णा योजना की राशि के लिए पात्र नहीं हैं, लेकिन उनकी वृद्धावस्था पेंशन की पूरी व्यवस्था कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री का आश्वासन सुनते ही वृद्धा भावुक हो गईं और आगे बढ़कर उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पैसे मिलें या न मिलें, लेकिन मुख्यमंत्री को इतने करीब से पाकर उनका मन भर गया है।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद भाजपा के बारासात संगठनात्मक जिलाध्यक्ष राजीव पोद्दार को निर्देश दिया कि सपना दास के वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित सभी दस्तावेज उनके कार्यालय भेजे जाएं। राजीव पोद्दार ने इस निर्देश पर सहमति जताई।

जानकारी के अनुसार, सपना दास मध्यग्राम नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 के श्रीनगर हाट के पास रहती हैं। करीब 12 वर्ष पहले उनके पति उन्हें छोड़कर चले गए थे। उनका एकमात्र बेटा शुभजीत दास 31 वर्ष का है। एमए पास होने के बावजूद उसे कोई नौकरी नहीं मिली और वर्तमान में वह गंभीर रूप से बीमार होने के कारण बिस्तर पर है।

मां-बेटे को एक रिश्तेदार से कुछ आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे किसी तरह उनका गुजारा हो रहा है। सपना दास को उम्मीद थी कि वृद्धावस्था पेंशन मिलने से उनकी आर्थिक परेशानी कुछ कम होगी, लेकिन नगर पालिका में कई बार आवेदन करने के बावजूद उन्हें पेंशन नहीं मिली। उन्हें बताया गया था कि पेंशन मिलने में अभी कुछ महीने और लग सकते हैं।

मंगलवार को जब उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मध्यग्राम आ रहे हैं, तो वह उनसे मिलकर अपनी परेशानी बताने के लिए कार्यक्रम स्थल के बाहर पहुंच गईं। हालांकि आमंत्रण पत्र न होने के कारण सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।

अंततः मुख्यमंत्री का काफिला बाहर निकलते ही सपना दास भीड़ के बीच से हाथ उठाकर “बाबा रुक जाओ” कहती हुई आगे बढ़ीं। उनकी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंची और उन्होंने गाड़ी रुकवाकर वृद्धा की बात सुनी तथा उनकी सहायता का आश्वासन दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा