हिरासत में बिरजू केवट की मौत : शुभेंदु अधिकारी सरकार ने सीआईडी जांच के दिए आदेश
कोलकाता, 18 अगस्त (हि. स.)। हालीशहर के तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता बिरजू केवट की पुलिस हिरासत में मौत के करीब 10 दिन बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इससे पहले घटना में पुलिस की लापरवाही स्वीकार करते हुए मृतक के परिवार से मुलाकात की थी और मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे।
बिरजू केवट (48) हालीशहर के प्रमोदनगर के निवासी थे। वह पूर्व पार्षद जेनी शर्मा केवट के पति थे। उन्हें छह अगस्त को वसूली और मारपीट समेत कई आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। सात अगस्त को उन्हें बैरकपुर अदालत में पेश किया गया, जहां से पांच दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
हालांकि, आठ अगस्त को बिरजू केवट पुलिस लॉकअप के अंदर अचेत अवस्था में पाए गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस हिरासत में हुई उनकी मौत को लेकर सवाल उठने लगे।
बीरपुर के विधायक सुदीप्त दास ने सीआईडी जांच के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि मामले की सच्चाई सामने आए और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “यह साबित करता है कि यह सरकार कुछ भी छिपाना नहीं चाहती। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं, सीआईडी जांच के फैसले का स्वागत करते हुए बिरजू केवट की पत्नी जेनी ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनके पति की मौत के लिए वास्तव में जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द सजा मिले। उन्होंने कहा कि उन्हें राज्य सरकार पर पूरा भरोसा है और उनकी इच्छा है कि सीआईडी जांच से सच्चाई सामने आए और परिवार को न्याय मिले।
घटना के बाद मामले के जांच अधिकारी फिरोज मल्लिक को निलंबित कर दिया गया था, जबकि थाना प्रभारी तमाल दत्ता को ‘पुलिस लाइन क्लोज’ किया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया था।
अब सीआईडी जांच के जरिए पुलिस हिरासत में बिरजू केवट की मौत की परिस्थितियों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

