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चोरबागान कांड में ‘भतीजे’ को छूट क्यों? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार

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चोरबागान कांड में ‘भतीजे’ को छूट क्यों? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार


कोलकाता, 26 अक्टूबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘भतीजे’ को लेकर चल रही चर्चा चोरबागान कांड के बाद एक बार फिर तेज हो गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भतीजे देवदीप अधिकारी की कथित भूमिका को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने और मामले की जांच के दायरे में सभी संबंधित लोगों को लाने की मांग की है।

सोमवार को कोलकाता स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय विधान भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शुभंकर सरकार ने सवाल किया कि यदि चोरबागान दुर्गापूजा कांड की जांच में किसी को भी छूट नहीं देने की नीति अपनाई गई है, तो प्रभावशाली लोगों से पूछताछ क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से देवदीप अधिकारी की भूमिका को लेकर मुख्यमंत्री से जवाब मांगा।

शुभंकर सरकार ने कहा कि क्या देवदीप अधिकारी चोरबागान पूजा से जुड़े थे या नहीं? मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के सिलसिले में छोटे स्तर के लोगों को बुलाकर परेशान किया जा रहा है, लेकिन जिन प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनसे पूछताछ क्यों नहीं की जा रही है।

राजनीतिक प्रभाव और परिवार के नाम के कथित इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि पहले एक ‘भतीजे’ की चर्चा होती थी, अब एक नए ‘भतीजे’ का नाम सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल कर पूजा से संबंधित कोई काम किया गया है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यदि चोरबागान पूजा में देवदीप अधिकारी की कोई भूमिका रही है, तो उनसे पूछताछ क्यों नहीं की जा रही है, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।

शुभंकर सरकार ने मुख्यमंत्री से यह भी बताने की मांग की कि क्या उनके परिवार का नाम इस्तेमाल कर किसी को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि चोरबागान की घटना के कारण दुर्गापूजा के दौरान बंगाल के लोगों को जिस पीड़ा और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, उसे इतिहास में बयान करना कठिन है।

उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद मदद के लिए पुलिस को फोन किए जाने के बावजूद अपेक्षित सहायता नहीं मिली। साथ ही, मृतकों के परिजनों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिए जाने का भी दावा किया।

हालांकि, देवदीप अधिकारी की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों और कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा उठाए गए सवालों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा