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दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए 5वीं ऑल बंगाल शतरंज प्रतियोगिता शुरू, 135 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा

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दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए 5वीं ऑल बंगाल शतरंज प्रतियोगिता शुरू, 135 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा


कोलकाता, 28 अगस्त (हि.स.)। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों को शतरंज के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का मंच देने के उद्देश्य से ऑल इंडिया चेस फेडरेशन फॉर द ब्लाइंड (एआईसीएफबी) की 5वीं ऑल बंगाल राज्य शतरंज प्रतियोगिता का शुक्रवार को कोलकाता में शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े सक्षम दक्षिणबंग की ओर से आयोजित इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में राज्यभर से 135 दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता 28 से 30 अगस्त तक चलेगी।

प्रतियोगिता का आयोजन बनहुगली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर लोकोमोटर डिसएबिलिटीज (एनआईएलडी) में किया जा रहा है। सक्षम दक्षिणबंग को ऑल बंगाल ब्रेल चेस एसोसिएशन और क्रीड़ा भारती का सहयोग मिल रहा है। आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता लगातार पांचवें वर्ष आयोजित की जा रही है।

उद्घाटन समारोह में पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री डॉ. कल्याण चक्रवर्ती, आरएसएस के क्षेत्रीय संघचालक डॉ. जयंत रॉय चौधरी, सक्षम दक्षिणबंग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद ब्रह्म, संघ के प्रचारक प्रशांत भट्ट, राष्ट्रवादी पत्रिका स्वस्तिका के विजय आद्य और एनआईएलडी के निदेशक डॉ. ललित नारायण सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले और विजेता खिलाड़ी आगे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस लिहाज से यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का महत्वपूर्ण मंच है।

प्रतियोगियों का उत्साह बढ़ाते हुए मंत्री डॉ. कल्याण चक्रवर्ती ने कहा कि यहां से जीत हासिल करने वाले खिलाड़ी अखिल भारतीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से भविष्य में इन खिलाड़ियों को किस तरह सहयोग दिया जा सकता है, इस पर विचार किया जा रहा है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

आरएसएस के क्षेत्रीय संघचालक डॉ. जयंत रॉय चौधरी ने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के शुभारंभ के लिए राखी पूर्णिमा का दिन चुना गया है और समाज के सभी लोगों से दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के साथ खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर कोई न कोई योग्यता होती है, लेकिन कई बार समाज उस प्रतिभा को सामने लाने में सक्षम नहीं हो पाता।

तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के जरिए दृष्टिबाधित खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजकों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।

प्रतियोगिता 30 अगस्त को समाप्त होगी। इसी दिन पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर