आसनसोल की बंद ब्लैक स्टोन खदानें जल्द खोलने की मांग,
पश्चिम बर्दवान, 12 अगस्त (हि.स.)।
पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़ी ब्लैक स्टोन खदानों को फिर से खोलने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में आसनसोल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने पश्चिम बंगाल सरकार के उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम मंत्री तापस राय को पत्र भेजकर इस महत्वपूर्ण उद्योग को जल्द से जल्द पुनर्जीवित करने की मांग की है।
पत्र में चैंबर के मानद सचिव शंभुनाथ झा ने कहा है कि आसनसोल क्षेत्र का ब्लैक स्टोन माइनिंग उद्योग काफी महत्वपूर्ण और बड़े पैमाने का उद्योग है। इसके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 15 हजार श्रमिक और उनके परिवार अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं। लंबे समय से खदानें बंद रहने के कारण हजारों श्रमिक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और कई परिवारों के सामने गंभीर वित्तीय कठिनाइयां पैदा हो गई हैं।
चैंबर ने पत्र में कहा है कि खदानों के लगातार बंद रहने से पश्चिम बंगाल सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। आसनसोल और आसपास के क्षेत्रों में चल रही निर्माण परियोजनाओं, सेल आईएसपी के आधुनिकीकरण, बड़े पैमाने पर रेलवे आधुनिकीकरण तथा अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर भी स्थानीय स्तर पर ब्लैक स्टोन सामग्री की कमी का प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
पत्र के अनुसार, वर्तमान में झारखंड से बड़ी मात्रा में ब्लैक स्टोन चिप्स अवैध रूप से प्रतिदिन आसनसोल क्षेत्र में लाए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय मांग को पूरा किया जा सके। चैंबर का कहना है कि इससे झारखंड की अर्थव्यवस्था को लाभ मिल रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल को राजस्व और व्यापार के महत्वपूर्ण अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है।
आसनसोल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने राज्य सरकार से मांग की है कि ब्लैक स्टोन माइनिंग उद्योग को पुनर्जीवित करने को विशेष प्राथमिकता दी जाए और सभी आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक कदम उठाकर बंद पड़ी खदानों को जल्द से जल्द दोबारा खोला जाए।
चैंबर का कहना है कि खदानें दोबारा खुलने से हजारों श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर बहाल होंगे। इसके साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी, राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी तथा आसनसोल क्षेत्र के समग्र आर्थिक और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
चैंबर ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगी, जिससे श्रमिकों, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पूरे राज्य को लाभ मिल सके।
पत्र की प्रतिलिपि राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल, पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी, भाजपा के जिला अध्यक्ष तथा आसनसोल उत्तर और बाराबनी के विधायकों को भी भेजी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

