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जमीन कब्जा और वसूली मामले में सोना पप्पू के खिलाफ ईडी की सौ पन्नों की पूरक चार्जशीट, 37.76 करोड़ रुपये के गबन का आरोप

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जमीन कब्जा और वसूली मामले में सोना पप्पू के खिलाफ ईडी की सौ पन्नों की पूरक चार्जशीट, 37.76 करोड़ रुपये के गबन का आरोप


कोलकाता, 17 जुलाई (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमीन कब्जा और कथित वसूली से जुड़े धनशोधन मामले में कारोबारी विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू के खिलाफ 100 पन्नों की दूसरी पूरक चार्जशीट दाखिल की है।

कोलकाता के न्याय भवन में शुक्रवार को दाखिल इस चार्जशीट में सोना पप्पू पर 37 करोड़ 76 लाख 74 हजार रुपये के गबन का आरोप लगाया गया है। ईडी ने बताया कि यह चार्जशीट लगभग 200 लोगों के बयान के आधार पर तैयार की गई है।

चार्जशीट में ईडी ने आरोप लगाया है कि सोना पप्पू प्रभाव और दबाव का इस्तेमाल कर लोगों की जमीन पर अवैध कब्जा करता था। जांच एजेंसी के अनुसार, उसके निशाने पर विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक रहते थे और कई मामलों में उन्हें धमकाकर उनकी संपत्ति अपने कब्जे में ली गई।

ईडी का दावा है कि इस कथित गिरोह को पूर्व पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा विश्वास का सहयोग प्राप्त था, जबकि प्रभावशाली कारोबारी जय कामदार भी सोना पप्पू की गतिविधियों में सहयोगी थे। जांच एजेंसी पहले ही जय कामदार और शांतनु सिन्हा विश्वास को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ईडी का आरोप है कि दोनों ने मिलकर लगभग 50 करोड़ रुपये का गबन किया।

चार्जशीट में मार्च में गोलपार्क के कांकुलिया रोड पर हुई हिंसक झड़प का भी उल्लेख किया गया है। ईडी के अनुसार, इस घटना से लगभग 15 दिन पहले सोना पप्पू ने एक विदेशी पिस्तौल खरीदी थी। आरोप है कि यह हथियार जय कामदार की कंपनी के माध्यम से खरीदा गया था। पिस्तौल का लाइसेंस सोना पप्पू की पत्नी के नाम पर था और ईडी का दावा है कि हथियार का लाइसेंस एवं खरीद प्रक्रिया में जय कामदार ने उसकी मदद की। बाद में ईडी ने तलाशी के दौरान यह पिस्तौल बरामद कर ली।

जमीन कब्जा और वसूली मामले की जांच के दौरान ईडी ने सोना पप्पू को कई बार पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए थे। उसके आवास पर तलाशी के बाद भी उसे एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वह फरार रहा। इस दौरान उसने कई बार एक्स पर वीडियो संदेश जारी किए। लगभग तीन महीने तक छिपे रहने के बाद वह 18 मई को ईडी कार्यालय पहुंचा, जहां लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वर्तमान में सोना पप्पू, शांतनु सिन्हा विश्वास और जय कामदार तीनों न्यायिक हिरासत में हैं।

ईडी की ओर से लगाए गए आरोपों की न्यायालय में सुनवाई जारी है। मामले में अंतिम निर्णय अदालत के फैसले के बाद ही होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर