सीईओ कार्यालय के बाहर हंगामे पर चुनाव आयोग सख्त
कोलकाता, 01 अप्रैल (हि.स.)।कोलकाता में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के बाहर मंगलवार से शुरू हुआ तनाव देर रात तक जारी रहा। हालांकि बुधवार सुबह वहां कोई भीड़ नहीं दिखी, लेकिन पुलिस की भारी तैनाती के कारण पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में रहा। सीईओ कार्यालय के बाहर जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए और सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
बुधवार को राज्य के सीईओ कार्यालय की ओर से एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट किया गया। उस पोस्ट में एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया गया कि मंगलवार देर रात कुछ लोग बेलेघटा के एक पार्षद के साथ वहां पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस तरह की असामाजिक गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने मंगलवार को ही कहा था कि यदि सीईओ कार्यालय के सामने हुई गड़बड़ी में पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो चुनाव आयोग हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने बताया कि इस इलाके में सेक्शन 163 लागू किया गया है, जिसे अजय नंदा ने लागू किया है। इसलिए किसी भी तरह की गड़बड़ी की स्थिति में पुलिस को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार दोपहर अचानक स्ट्रैंड रोड स्थित नए सीईओ कार्यालय के सामने तृणमूल समर्थक कई बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) पहुंच गए। उनका आरोप था कि कुछ लोग बैग भरकर फॉर्म-छह लेकर सीईओ कार्यालय में जमा करने आए हैं। इसी आरोप को लेकर बीएलओ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच वहां भाजपा कार्यकर्ता भी पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय नंदा स्वयं सीईओ कार्यालय पहुंचे और वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए किसी भी तरह की अराजकता पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

