home page

पश्चिम बंगाल में फिर शुरू होंगी केंद्रीय ग्रामीण विकास योजनाएं, रोजगार और आवास को मिलेगा बल

 | 
पश्चिम बंगाल में फिर शुरू होंगी केंद्रीय ग्रामीण विकास योजनाएं, रोजगार और आवास को मिलेगा बल


कोलकाता, 04 जून (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में लंबे समय से रुकी हुई कई केंद्रीय ग्रामीण विकास योजनाएं फिर से शुरू होने जा रही हैं। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने गुरुवार को नवान्न में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र से अनुदान मिलने के बाद ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इससे रोजगार, आवास और ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मंत्री ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत संचालित कई महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं को फिर से सक्रिय किया गया है। इनमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम तथा केंद्रीय वित्त आयोग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाएं शामिल हैं।

ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बड़े स्तर पर कार्य करने की तैयारी की गई है। मंत्री के अनुसार, 27 मई को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में पश्चिम बंगाल के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके तहत राज्य में लगभग दो हजार 790 किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कों और 45 पुलों का निर्माण किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त वित्त पोषण से करीब दो हजार 500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना पर अंतिम मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।

मंत्री ने बताया कि मार्च 2022 से लगभग बंद पड़ी मनरेगा योजना को भी फिर से शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। राज्य के लगभग दो करोड़ 56 लाख जॉब कार्डधारकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। प्रशासनिक स्वीकृति, प्रशिक्षण और क्षमता विकास से जुड़े कार्य अंतिम चरण में हैं।

उन्होंने कहा कि एक जुलाई से देशभर में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ शुरू किया जाएगा। जून तक वर्तमान मनरेगा व्यवस्था लागू रहेगी और जुलाई से नई व्यवस्था प्रभावी होगी। नई प्रणाली के तहत पात्र परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार का अधिकार मिलेगा। साथ ही 60 दिनों तक रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में कानूनी सुरक्षा का प्रावधान भी रहेगा। योजना का खर्च केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में वहन करेंगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत ‘आवास प्लस 2024’ सर्वेक्षण का कार्य भी शुरू हो गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में घर-घर जाकर पात्र लाभार्थियों की पहचान की जा रही है। यह सर्वेक्षण 20 जुलाई तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद जांच, ग्रामसभा की मंजूरी और जिला स्तर पर अंतिम अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी कर लाभार्थियों की सूची जारी की जाएगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता