स्वास्थ्य भवन में बना केंद्रीय कंट्रोल रूम, सभी सरकारी अस्पतालों पर होगी निगरानी : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री बोले- बिचौलिया तंत्र होगा खत्म
कोलकाता, 09 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता बढ़ाने और कथित बिचौलिया तंत्र पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य भवन में एक केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और कहा कि अब राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों की निगरानी यहीं से की जाएगी, ताकि मरीजों को बिना किसी बिचौलिए के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में अच्छा माहौल बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी जरूरी है। उनके अनुसार, अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी अनुभवी हैं, उन्हें केवल बेहतर कार्य वातावरण और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। सरकार स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और अस्पतालों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर कड़ी नजर रखेगी।
उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम की निगरानी व्यवस्था के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति लगातार दो दिनों तक बिना स्पष्ट कारण अस्पताल परिसर में घूमता दिखाई देता है तो उसकी जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य मरीज लगातार दो दिन अल्ट्रासोनोग्राफी जैसी जांच कराने नहीं आते, इसलिए ऐसी गतिविधियों से बिचौलियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कई सरकारी अस्पतालों का दौरा किया है। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई और स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी भी सक्षम हैं, उन्हें सही दिशा-निर्देश देकर व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यू टाउन में अडानी समूह द्वारा दो हजार बिस्तरों वाला आधुनिक अस्पताल बनाया जा रहा है, जिसका उद्घाटन जल्द होगा। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में एक हजार बिस्तर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य के सभी प्रमुख अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। एसएसकेएम अस्पताल में दुर्गापूजा से पहले 200 से 250 अतिरिक्त बिस्तर जोड़े जाएंगे, जबकि आईसीयू बिस्तरों की संख्या 112 से बढ़ाकर कम से कम 200 की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल की तारातला दुर्घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में ट्रॉमा केयर सुविधाओं को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिया है कि ऐसे स्थानों की पहचान की जाए, जहां अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर विकसित किए जा सकें, ताकि आपात स्थिति में एक साथ 250 लोगों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

