कैनिंग माकपा कार्यालय में तोड़फोड़, भाजपा समर्थकों पर आरोप
कोलकाता, 24 अक्टूबर (हि.स.)। दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग थाना क्षेत्र के तालदी इलाके में माकपा के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। आरोप है कि शुक्रवार रात पार्टी कार्यालय का ताला तोड़कर अंदर घुसे लोगों ने टेलीविजन, कुर्सी-टेबल, अलमारी और बिजली के बोर्ड को क्षतिग्रस्त कर दिया।कार्यालय में लगे बिजली के तार भी खींचकर तोड़ दिए गए। इसके अलावा, छत के दो पंखे खोलकर ले जाने का भी आरोप है।
माकपा ने इस घटना के लिए भाजपा समर्थित लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस घटना में उसके किसी कार्यकर्ता का हाथ नहीं है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शनिवार सुबह घटना की जानकारी सामने आने के बाद तालदी इलाके में चर्चा शुरू हो गई। पार्टी कार्यालय में टूटे हुए सामान और बिखरी हुई वस्तुओं को देखकर माकपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। स्थानीय माकपा नेताओं का आरोप है कि शुक्रवार रात अंधेरे में पार्टी कार्यालय का ताला तोड़कर कुछ लोग अंदर घुसे और जमकर तोड़फोड़ की। कार्यालय में रखा टेलीविजन, अलमारी, बिजली का बोर्ड और कुर्सी-टेबल तोड़ दिए गए। अलमारी का ताला भी तोड़कर उसके अंदर रखे सामान को बिखेर दिया गया। कार्यालय में लगे दो छत के पंखे भी गायब हैं।
माकपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह घटना राजनीतिक प्रतिशोध के कारण की गई है। उनका कहना है कि दुर्गापूजा के दिनों में लगातार कई बुक स्टॉलों में तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद अब पार्टी कार्यालय को निशाना बनाया गया है।
एक माकपा कार्यकर्ता ने बताया कि शुक्रवार शाम तक पार्टी कार्यालय खुला था और वहां सभी कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने कहा, “सुबह आकर देखा तो टेबल-कुर्सी, पंखे और टेलीविजन समेत कोई भी सामान ठीक नहीं था। अलमारी भी टूटी हुई थी। यह बहुत ही खराब स्थिति है।”
उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ दिनों से धमकियां दी जा रही थीं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह निश्चित रूप से नहीं बता सकते कि इस घटना को किसने अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि पहले तृणमूल कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी का विरोध रहा है। तृणमूल के सत्ता में आने के बाद माकपा के कई कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई और राजनीतिक संघर्ष भी हुए, लेकिन इस तरह पार्टी कार्यालय या बुक स्टॉलों को निशाना नहीं बनाया गया था।
माकपा कार्यकर्ता ने कहा कि घटनाओं के क्रम से उन्हें संदेह है कि इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस से शिकायत की जाएगी।
दूसरी ओर, स्थानीय भाजपा नेतृत्व की ओर से इस मामले में आधिकारिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि, भाजपा नेताओं ने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ करने के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि इस घटना में भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता शामिल नहीं है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसका पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

