कैनिंग में अवैध कैफेटेरिया पर प्रशासन की कार्रवाई, पूर्व विधायक पुत्र को तोड़ने का आदेश
कोलकाता, 21 जून (हि. स.)। दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग पूर्व के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी के बाद उनके पुत्र इमरान मोल्ला के स्वामित्व वाले एक कैफेटेरिया पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। आरोप है कि मातला नदी के चर क्षेत्र में मैंग्रोव वनस्पति को नुकसान पहुंचाकर और सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा कर इस विशाल कैफेटेरिया का निर्माण किया गया था।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कैनिंग महकमा प्रशासन ने जांच के बाद पाया कि ‘अरण्येर कूले’ नामक यह कैफेटेरिया सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाया गया है। इसके बाद जिला प्रशासन ने इमरान मोल्ला को आगामी 29 जून तक स्वयं इस निर्माण को ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन बुलडोजर चलाकर इसे हटाएगा और उसका खर्च भी मालिक पक्ष से वसूला जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, शौकत मोल्ला के विधायक रहने के दौरान दक्षिण 24 परगना के मौखाली क्षेत्र में मातला नदी के चर को भरकर यह कैफेटेरिया बनाया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते लंबे समय तक यह निर्माण बिना किसी बाधा के चलता रहा।
राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद शौकत मोल्ला के खिलाफ विभिन्न मामलों में जांच शुरू हुई। भांगड़ विस्फोट मामले की जांच के दौरान जब जांच एजेंसियों ने उनके आवास और इस कैफेटेरिया में तलाशी ली, तब इस संपत्ति को लेकर विवाद सामने आया। इसी क्रम में प्रशासन ने कैफेटेरिया के भूमि संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया था।
सूत्रों के अनुसार, 18 जून तक वैध भूमि दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया था। सुनवाई में इमरान मोल्ला के अधिवक्ता उपस्थित हुए, लेकिन वे जमीन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद महकमा प्रशासन ने सात दिनों के भीतर निर्माण हटाने का अंतिम आदेश जारी किया।
प्रशासन फिलहाल उस इलाके में बने अन्य दुकानों और निर्माणों के दस्तावेजों की भी जांच कर रहा है। वहीं, कैनिंग पश्चिम के तृणमूल विधायक परेश राम दास द्वारा निर्मित वृद्धाश्रम को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

