एसआईआर को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में समन्वय बैठक, मुख्य न्यायाधीश ने की समीक्षा
कोलकाता, 23 फरवरी (हि.स.)। कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की समीक्षा के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की।
बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक भी उपस्थित रहे। लगभग एक घंटे चली इस बैठक के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने इसे “आंतरिक बैठक” बताया।
अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची के एसआईआर के लिए तैयार किए गए ऑनलाइन पोर्टल पर न्यायिक अधिकारियों का प्रशिक्षण सोमवार सुबह पूरा कर लिया गया है और कई स्थानों पर प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। उन्होंने बताया, “ओटीपी से संबंधित कुछ प्रारंभिक तकनीकी समस्याएं थीं, जिन्हें अब दूर कर लिया गया है।”
गौरतलब है कि 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने एक “असाधारण” निर्देश जारी करते हुए एसआईआर प्रक्रिया में सहायता के लिए सेवारत और पूर्व जिला न्यायाधीशों की तैनाती का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने तार्किक विसंगति सूची में शामिल तथा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का सामना कर रहे व्यक्तियों के दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए न्यायिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का निर्देश दिया।
तार्किक विसंगतियों में वर्ष 2002 की मतदाता सूची से वंशानुक्रम संबंध जोड़ने में त्रुटियां शामिल हैं, जैसे माता-पिता के नाम में असंगति, या मतदाता और अभिभावक के बीच आयु अंतर 15 वर्ष से कम अथवा 50 वर्ष से अधिक होना।
शीर्ष अदालत ने कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल से अनुरोध किया था कि वे कुछ न्यायिक अधिकारियों को इस कार्य के लिए उपलब्ध कराएं तथा पूर्व न्यायाधीशों की पहचान करें। अदालत ने इस पर भी गंभीर टिप्पणी की थी कि राज्य सरकार ने पुनरीक्षण कार्य के लिए पर्याप्त ग्रेड ‘ए’ अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराया।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राज्य में जारी विवाद के बीच इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

