योग दिवस कार्यक्रम के लिए रेड रोड पर आयोजन की अनुमति, हाई कोर्ट ने यातायात व्यवस्था पर दिए निर्देश
कोलकाता, 18 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड पर प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने कार्यक्रम के आयोजन पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कोलकाता पुलिस आयुक्त को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि रेड रोड बंद रहने के दौरान उच्च न्यायालय आने-जाने वाले वकीलों, कर्मचारियों और अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की जाए, ताकि उच्च न्यायालय से जुड़े लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि कार्यक्रम समाप्त होते ही सड़क को तत्काल साफ कर सामान्य यातायात के लिए खोल दिया जाए।
गौरतलब है कि, 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रेड रोड पर एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन होना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। न्यायालय का यह निर्देश कार्यक्रम से पहले की अवधि पर भी लागू होगा, क्योंकि आयोजन की तैयारियों के चलते सड़क पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री के योग कार्यक्रम के कारण रेड रोड लगभग सात दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। उनका तर्क था कि यदि सड़क के कम से कम 50 प्रतिशत हिस्से पर यातायात की अनुमति दी जाती तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं होती। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को उच्च न्यायालय पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि कार्यक्रम का आयोजन रेड रोड के बजाय ब्रिगेड परेड ग्राउंड में क्यों नहीं किया जा सकता।
इस पर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बिल्वदल भट्टाचार्य ने कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता उत्तरपाड़ा के निवासी हैं और रेड रोड से उनका प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने अदालत को बताया कि पुलिस ने पहले से ही यातायात के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है।
राज्य सरकार ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा का दायित्व विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के पास होता है और ब्रिगेड परेड ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित करने की स्थिति में सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। इसी कारण रेड रोड को आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है।
अदालत ने मामले में भारतीय सेना को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 जून को होगी। यह याचिका ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से दायर की गई थी।------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

