चुनाव ड्यूटी में लगी बसें, कई जिलों में यातायात संकट
पश्चिम मेदिनीपुर, 22 अप्रैल (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के विधानसभा चुनाव से पहले कई जिलों में बस सेवा लगभग बंद हो गई है। प्रशासन ने चुनाव के काम के लिए बड़ी संख्या में बसों को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके कारण आम लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है।
मंगलवार देर शाम से ही सड़कों पर बसों की संख्या कम होनी शुरू हो गई थी। बुधवार से शुक्रवार तक बड़े बस और मिनी बस लगभग नहीं चलेंगे। ऐसे में लोगों को यात्रा के लिए ऑटो और टोटो (ई-रिक्शा) पर निर्भर रहना पड़ेगा। लोगों को आशंका है कि इस स्थिति का फायदा उठाकर ऑटो और टोटो चालक किराया बढ़ा सकते हैं।
पश्चिम बर्धमान जिले में 200 से ज्यादा दूरपल्ली बसें चलती हैं। इनमें से 164 बसों को चुनाव के काम में लगा दिया गया है। वहीं, करीब 315 मिनी बसों में से 311 मिनी बस भी चुनाव ड्यूटी में भेज दी गई हैं। दुर्गापुर में भी लगभग 200 मिनी बस प्रशासन ने चुनाव के लिए ले ली हैं।
बांकुड़ा जिले में रोज लगभग 500 निजी बसें चलती हैं, लेकिन चुनाव के कारण लगभग सभी बसों को प्रशासन ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। इसी तरह पुरुलिया जिले में भी 500 से ज्यादा बसों को चुनाव ड्यूटी के लिए लिया गया है। कई रूटों पर अब एक भी बस नहीं चल रही है।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। चुनाव की तैयारी के लिए यहां से भी बड़ी संख्या में बसों को प्रशासन ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। इसके कारण कई रूटों पर बस सेवा कम हो गई है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोज काम पर जाने वाले लोग और दूर-दराज के इलाकों के यात्री अब ऑटो, टोटो या दूसरे निजी वाहनों पर निर्भर हो रहे हैं।
मेदिनीपुर के रहने वाले रमेश कुमार ने हिंदुस्थान समाचार से बात करते हुए बताया कि वह रोज बस से अपने काम पर जाते हैं। बुधवार सुबह वह बस स्टैंड पहुंचे, लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी उन्हें कोई बस नहीं मिली, जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी हुई।
केशपुर की रहने वाली सुनीता भुई ने बताया कि खड़गपुर में काम खत्म करने के बाद उन्हें आज अपने गांव लौटना था, लेकिन बस सेवा बंद होने के कारण उन्हें मजबूरन प्राइवेट कार लेनी पड़ रही है, जिससे उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
बस सेवा प्रभावित होने से रोज काम पर जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई लोगों को अब ज्यादा किराया देकर दूसरे साधनों से यात्रा करनी पड़ रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

