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बर्नपुर में सरकारी शराब दुकान पर आबकारी विभाग की बड़ी छापेमारी, छह घंटे चली तलाशी, दुकान सील

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बर्नपुर में सरकारी शराब दुकान पर आबकारी विभाग की बड़ी छापेमारी, छह घंटे चली तलाशी, दुकान सील


आसनसोल, 07 नवंबर (हि.स.)।

आसनसोल के हीरापुर थाना अंतर्गत बर्नपुर के नरसिंहबांध इलाके में शनिवार सुबह आबकारी विभाग ने एक सरकारी लाइसेंस प्राप्त शराब दुकान पर बड़ी छापेमारी की। सुबह करीब 4:30 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आबकारी विभाग के लगभग 20 से 25 अधिकारियों की टीम पांच गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची और दुकान के अंदर तलाशी अभियान शुरू किया। करीब छह घंटे से अधिक समय तक चली इस कार्रवाई के दौरान एक गाड़ी में भरकर शराब की पेटियां और बोतलें जब्त कर ले जाई गईं। इसके साथ ही संबंधित शराब दुकान को सील कर दिया गया।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दुकान में कथित तौर पर नकली शराब की पैकिंग का काम चल रहा था। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि आबकारी विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। विभाग की ओर से बताया गया है कि शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है और पूरे मामले की जांच जारी है।

आबकारी विभाग की कार्रवाई के बाद स्थानीय निवासियों ने एक बार फिर नरसिंहबांध की इस शराब दुकान को स्थायी रूप से बंद करने अथवा किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग उठाई है। स्थानीय निवासी संतोष शर्मा ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इस दुकान के कारण इलाके का माहौल खराब हो रहा है। उनका दावा है कि सुबह छह बजे से ही दुकान के आसपास शराब की बिक्री और आपूर्ति शुरू हो जाती है तथा रात करीब 12 बजे तक लोगों की भीड़ लगी रहती है। दुकान के सामने खुलेआम शराब पीने और नशे की हालत में मारपीट, झगड़े तथा गाली-गलौज की घटनाएं होने का भी उन्होंने आरोप लगाया।

स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि शराब दुकान से महज 10 मीटर की दूरी पर एक प्राथमिक विद्यालय है। रोजाना इसी रास्ते से स्कूली बच्चे आते-जाते हैं। इसके अलावा महिलाओं और परिवारों के अन्य सदस्यों को भी इसी सड़क का इस्तेमाल करना पड़ता है। इलाके में नर्सिंग होम और घनी आबादी होने के कारण लोगों ने बच्चों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।

संतोष शाह ने बताया कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन और शिकायतें की गई हैं। हीरापुर थाने के अलावा पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी कार्यालय और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट में लिखित शिकायत दी गई है। उनका आरोप है कि नियमानुसार दुकान सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुलनी चाहिए, लेकिन यहां सुबह छह बजे से ही शराब की बिक्री और आपूर्ति शुरू हो जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब तीन-चार वर्ष पहले वर्तमान मालिक पक्ष द्वारा दुकान का संचालन संभालने के बाद से इलाके में समस्याएं बढ़ी हैं। उनका दावा है कि आबकारी विभाग पहले भी दो बार छापेमारी कर चुका है, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से दुकान का संचालन सामान्य हो जाता है। इस समस्या को लेकर आसनसोल दक्षिण की विधायक तथा राज्य की नगर निगम एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल से भी दुकान को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग सौ वर्ष पहले जब यह शराब दुकान स्थापित हुई थी, तब नरसिंहबांध में आबादी काफी कम थी। लेकिन अब यहां बड़ी संख्या में घर और परिवार बस चुके हैं। ऐसे में घनी आबादी के बीच शराब दुकान का संचालन उचित नहीं है।

शनिवार को आबकारी विभाग की छापेमारी और दुकान सील किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है। उनकी मांग है कि विभाग केवल छापेमारी तक अपनी कार्रवाई सीमित न रखे, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थायी समाधान निकाले। फिलहाल जब्त शराब की वास्तविक मात्रा, नकली शराब की पैकिंग के आरोपों की सच्चाई और दुकान के खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर आबकारी विभाग की जांच के नतीजों का इंतजार है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा