अभीक दे के स्नातकोत्तर दाखिले पर स्वास्थ्य मंत्री ने उठाये सवाल
पूर्व बर्दवान, 21 अगस्त (हि. स.)। बर्दवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने डॉक्टर अभीक दे के स्नातकोत्तर में दाखिले को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
मंत्री ने आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि अभीक दे को स्नातकोत्तर में प्रवेश मिलने के पीछे मेरिट के बजाय राजनीतिक प्रभाव की भूमिका होने की शिकायत सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। मुखर्जी अभीक दे को मिले सर्विस कोटा को लेकर भी सवाल उठाया।
आरोप है कि बर्दवान के अनामय अस्पताल को ग्रामीण अस्पताल के रूप में दिखाकर वहां की सेवा के आधार पर अभीक दे ने सर्विस कोटा का लाभ उठाया और स्नातकोत्तर में दाखिला हासिल किया।
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान अनामय अस्पताल में अभीक दे की सेवा और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
मंत्री ने अभीक दे की हाजिरी को लेकर भी सवाल उठाया। उनके अनुसार, जांचकर्ताओं ने हाजिरी रजिस्टर की जांच करने की कोशिश की और उसमें कथित तौर पर कुछ गड़बड़िया सामने आई हैं। यह भी आरोप सामने आया है कि अभीक दे ने अनामय अस्पताल में नियमित रूप से हाजिरी नहीं दी थी।
स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि योग्य उम्मीदवारों को किसी अनियमितता के कारण नुकसान पहुंचाकर किसी अन्य व्यक्ति को लाभ दिया गया, तो जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभीक दे के सर्विस कोटा से स्नातकोत्तर में दाखिले को लेकर विवाद नया नहीं है। जनवरी 2026 में कलकत्ता हाई कोर्ट से जुड़े एक मामले में भी उनके सर्विस कोटा की पात्रता पर सवाल उठे थे। उस समय अदालत ने नई शिकायत स्वास्थ्य-शिक्षा निदेशक के समक्ष रखने और उस पर निर्धारित समय में निर्णय लेने का निर्देश दिया था। अगस्त 2026 में स्वास्थ्य विभाग ने अभीक दे के सर्विस कोटा से जुड़े मामले की फिर से जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की थी। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े आरोपों के अनुसार, अनामय अस्पताल में उनके काम करने से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। ---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

