आसनसोल राहालेन में बुलडोजर एक्शन पर सियासी घमासान, कृष्णेंदु मुखर्जी ने उठाए कार्रवाई के तरीके पर सवाल
पश्चिम बर्दवान, 10 जुलाई (हि. स.)। जिले के आसनसोल राहालेन में सड़क किनारे सरकारी जमीन पर वर्षों से बने कथित अवैध कब्जों के खिलाफ शुक्रवार सुबह आसनसोल नगर निगम ने मंत्री अग्निमित्रा पाल के निर्देश पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। अभियान के दौरान कई अस्थायी दुकानों को हटाया गया, जिससे प्रभावित दुकानदारों में भारी नाराजगी देखी गई और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
आसनसोल उत्तर के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें घटना की सूचना मिली, उन्होंने जिला प्रशासन और कोलकाता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली।
विधायक ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा उचित नहीं है, लेकिन कार्रवाई से पहले सभी पक्षों से बातचीत कर उन्हें पर्याप्त समय देना बेहतर होता। उनके अनुसार, अचानक हुई कार्रवाई से लोगों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग विरोध के लिए सड़क पर उतर आए। उनके अनुसार घटनास्थल से लगातार लोगों के फोन आ रहे थे, उनसे बुलडोजर एक्शन पर कई सवाल किए जा रहे थे, जिन सवालों का उनके पास कोई जवाब नही था, वह लोगों को यही समझाते रहे कि वह पूरे मामले को देख रहे हैं और प्रशासन से मामले मे बातचीत कर रहे हैं।
बुलडोजर अभियान रुकने के बाद प्रभावित दुकानदारों ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने उनके पक्ष में आवाज उठाकर कार्रवाई रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन यदि यह पहल पहले होती तो उनका लाखों रुपये का नुकसान नहीं होता।
दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय या पूर्व सूचना नहीं दी गई और अचानक हुई कार्रवाई से उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया।
वहीं, गुरुवार को मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा था कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जाधारियों को दुर्गापूजा तक अतिक्रमण हटाने का समय दिया है। हालांकि, सड़क किनारे सरकारी भूमि पर बने ऐसे अतिक्रमण, जिनसे यातायात और आम लोगों को परेशानी हो रही है, उन्हें हटाने के लिए 15 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। मंत्री ने चेतावनी दी थी कि निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन कार्रवाई करेगा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गुरुवार देर शाम माइकिंग कर 15 दिनों का समय दिए जाने की घोषणा की गई, लेकिन शुक्रवार सुबह ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसे लेकर प्रभावित दुकानदारों में रोष है। उनका कहना है कि 15 दिन का वादा कर 24 घंटे का भी समय नहीं दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस और माकपा के नेता एवं कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित दुकानदारों के समर्थन में बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया।
फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है, जबकि प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

